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नशीली ड्रग्स की बिक्री पर करें कड़ी कार्रवाई, अफीम की खेती अनुमन्य एरिया में ही की जाए : ज़िलाधिकारी

  बाराबंकी। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने कहा कि नियमानुसार दवा विक्रेता बिना डाक्टर के पर्चे के ऐसी दवा विक्रय न करें जो नशीली दवाओं की श्रेणी में आती हैं। उन्होंने कहा कि डॉक्टर का पर्चा भी ऐसी ड्रग्स के लिए केवल एक माह के लिए ही मान्य माना जाएगा और उसकी फोटो कॉपी दवा विक्रेता को रखना आवश्यक होगा।

ज़िलाधिकारी आज कलेक्ट्रेट कक्ष में नारकोटिक्स के सम्बंध में ज़िला स्तरीय समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। पुलिस अधीक्षक श्री दिनेश कुमार सिंह, अपर ज़िलाधिकारी श्री अरुण कुमार सिंह, सहायक आयुक्त, कस्टम श्री नंदेश्वर सिंह, आबकारी अधिकारी श्री कुलदीप दिनकर सहित अन्य सभी सम्बंधित अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में ज़िलाधिकारी ने कहा कि दवा की दुकानों से ऐसी दवाओं की बिक्री करते हुए पाए जाने पर दुकानदार के विरुध्द नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए। ऐसे ड्रग्स की बिक्री रोकने के लिए निर्धारित क़ानूनी प्रक्रिया को कड़ाई से लागू किया जाए। 

ज़िलाधिकारी ने कहा कि मेडिकल कॉलेज, डिग्री कॉलेज आदि के परिसरों पर विशेष निगरानी रखी जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि इन स्थानों समेत स्कूलों आदि में विशष जागरूकता अभियान भी चलाया जाए। 

ज़िलाधिकारी श्री सत्येंद्र कुमार ने बैठक में निर्देश दिए कि पूरे जनपद में अभियान चलाकर सुनिश्चित किया जाए कि अफीम की खेती के लिेए जिनके पास लाइसेंस है और जितने रकबे के लिए लाइसेंस जारी हुआ है, वो उतने ही एरिया में अफीम की खेती करें। अनुमन्य क्षेत्र से अधिक क्षेत्र में अफीम की खेती करने वालों के ख़िलाफ़ अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि निर्धारित नियम क़ानूनों के अंतर्गत ही अफीम की खेती हो, यह हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। बैठक में ज़िलाधिकारी ने कहा कि एनडीपीएस के अंतर्गत मामलों में पूरी सतर्कता के साथ कार्य करें और प्रकरणों में पुलिस प्रशासन से समन्वय और सहयोग के साथ कार्य करें।

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