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बाराबंकी की शख्सियत को दुबई में मोहब्बत-ए-उर्दू अवार्ड से किया गया सम्मानित

  मिडिलईस्ट में उर्दू हिन्दी भाषा और भारतीय तहज़ीब-ओ-अदब के लिए काम कर रही प्रमुख संस्था जश्न-ए-उर्दू द्वारा दुबई के शेख़ राशिद ऑडिटोरियम में एक  अंतरराष्ट्रीय  मुशायरा एवं कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें भारत , पाकिस्तान और कैनेडा के शायर और कवियों ने अपनी बेहतरीन शायरी से ना केवल ख़ूबसूरत समा बांधा बल्कि दुनिया को अमन और मोहब्बत का पैग़ाम भी दिया।

इस मौक़े पर हिन्दी उर्दू भाषा के संवर्धन के लिए काम कर रही हिंदुस्तान की संस्था साझी विरासत के बानी परवेज़ अहमद , रियाद (सऊदी अरब ) से सैयद नसीम बेग व महाराष्ट्र से सलीम चौहान को मोहब्बत-ए-उर्दू अवार्ड से सम्मानित भी किया गया।  इस मौक़े पे जश्न -ए -उर्दू के सरबराह सैयद फरहान वास्ती ने कहा कि हिंदुस्तान की सरज़मीं और वहाँ की ज़बानों ने दुनिया को मोहब्बत और रिश्तों से जोड़ना सिखाया है , जो इन ज़बानों को जानता , बोलता और पढ़ता है वो इंसान हमेशा अमन और भाईचारा का रास्ता अख़्तियार करता है , यही वजह है कि हमारी संस्था बीते दो दशक से दुबई , शारजाह में मुशायरों के ज़रिये हिंदुस्तान की मिली जुली तहज़ीब को दरोग़ देने का काम कर रही है।

अंतरराष्ट्रीय शायर राजेश रेड्डी ने अपने अध्यक्षी भाषण में कहा कि सैयद फरहान वास्ती मोहब्बत की ज़बान के ज़रिये रेगिस्तान में फूल खिलाने का काम कर रहे हैं , यक़ीनन दुबई एक ऐसी जगह है जहां कलाकारों के लिए सारी सरहदें टूट जाती है और हम सब एक प्लेटफार्म पे आके अपनी क़लम और शेरों के ज़रिये दुनिया को बंधुत्व का पैग़ाम देते हैं।

मुशायरा व कवि सम्मेलन में शायर तारिक सब्ज़वारी, अहमद सलमान, राजेश रेड्डी, इमरान प्रतापगढ़ी,अली ज़रयून , अज़म शाकिरी, मनिका दुबे, शंभु शिखर, आदिल रशीद, इस्माइल राज़ ने अपनी ख़ूबसूरत शायरी और कविता से ज़बर्दस्त समा बबांधा. मुशायरे की निज़ामत नदीम फ़र्रूख़  ने की।

  इस मौक़े पे दुबई में भारत का नाम रौशन कर रहे प्रमुख लोगों में शाज़मा अल्वी, मोहम्मद ज़ुबैर, हरीश मिश्रा , इक़बाल अहमद आदि उपस्थित थे।

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