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अतिक्रमण की जद में धनोखर तलब, निर्माण में खर्च हुए करोड़ों रुपए स्वाहा

सगीर अमान उल्लाह

बाराबंकी। शहर के सौंदर्यीकरण में शामिल धनोखर तालाब बदहाल अवस्था में पहुंच गया है। 

भारी रकम खर्च कर बनाए गए तालाब के किनारे गोल मार्ग पर जहां अनाधिकृत कार पार्किग लोगों ने बना ली है तो वही तालाब तक जाने वाले मार्गो पर भी अतिक्रमण कारियों का आतंक व्याप्त है। जिसमें मार्ग की ईंटे तक गायब कर दी हैं तो वहीं एक तरफ दीवार तक बना जहां मार्ग अवरूद्ध कर दिया है तो इसी मार्ग के आगे मुहाने पर सोफा व मलबा डालकर भी मार्ग अवरूद्ध कर पूरे मार्ग पर ही अतिक्रमण करने वालों ने नाजायज कब्जा कर लिया है। जिससे सरकार द्वारा सौंदर्यीकरण का शहरवासियों के लिए खर्च किए करोड़ों रुपए की मंशा भी पूर्ण नहीं हो रही है।


बताते चले कि तमाम शहर के समाजसेवियों के दशको किए प्रयास पर जहां महिमामयी तालाब के सौंदर्यीकरण की जहां आस जगी वो मिले करोड़ों में बंदरबांट कर भारी भ्रष्टाचार की जहां भेंट चढ़ गया और तमाम अवैध कब्जेदारों को अनाधिकृत रुप से राहत दे दी गई व तालाब का अस्तित्व वृहद से सूक्ष्म हो गया तो दूसरी तरफ बेहतर के प्रयास पर मुफ्तखोरों ने भी अपनी बपौती मानकर उसे पार्किंग स्थल व कूड़ादान बना रखा है। वैसे इसमें नगर पालिका परिषद प्रशासन से लेकर जिले के प्रशासन की भी भूमिका कम नहीं है जो नगर पालिका द्वारा मार्ग पर डम्प मलबे तो प्रशासन द्वारा चुनिंदा लोगों तक केवल बहुदृश्य स्थलों तक ही अतिक्रमण अभियान चलाने का दिखावे वाला अभियान भी अहम है, जिसे यह अंधेरगर्दी पता नहीं क्यूं दिखाई नहीं दे रही है। वैसे बता दे तमाम सौंदर्यीकरण कराए तालाबों पर प्रशासन में व्याप्त भारी भ्रष्टाचार के चलते भूमाफियाओं की गिद्ध दृष्टि तालाबों की भूमि पर अवैध कब्जे को लेकर लगी है। जिसमें जेब्रा पार्क तालाब की भूमि पर कागजी हेराफेरी कर एक प्रतिष्ठित भूमाफिया अपनी भूमि का दावा कर रहा है जिसमें न तो वो दलित है और ना ही जमीद खरीदने का कोई बैनामा ही उसके पास है। तो दूसरी तरफ हैदरगढ़ रेड पर सतोखर तालाब पर भी अवैध कब्जे को लेकर चर्चाओं की बाजार गर्म है। इसी तरह जिला इंटर कॉलेज के बगल स्थित एक तालाब का तो अस्तित्व तक शेष नही रहा। इसी तरह बंकी स्थित एक तालाब तो हजारों डम्पर मिट्टी से पाटकर प्लाटिंग तक कर दस्तावेजों से भी गायब कर दिया गया है। जिसको देखकर तो यही कहा जाएगा कि रामराज्य की सरकार में धार्मिक महत्व के तालाबों पर भी शनि की साढ़ेसाती भ्रष्टाचारी तंत्र के चलते बुरी तरह भूमाफियाओं के रूप में लग गई है।

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