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बड़ागाँव में चल रही ऐतिहासिक श्रीराम लीला धनुषयज्ञ

महेन्द्र कुमार श्रीवास्तव                   

 बाराबंकी : कस्बा बड़ागाँव स्थित रामलीला मैदान में चल रही ऐतिहासिक श्रीरामलीला धनुषयज्ञ के तीसरे दिन कलाकारों द्वारा फुलवारी लीला व नगर दर्शन का मंचन किया गया।

  लखन ह्रदय लालसा बिशेषी 

  जाय जनकपुर आवें देखी

मंचन में लक्ष्मण जी के ह्रदय में लालसा होती है कि मैं जनकपुर जाकर देखू तो वह रामजी को इशारों इशारों में कहते है तब भगवान श्रीराम गुरु विश्वामित्र महराज से आज्ञा लेकर राम -लक्ष्मण दोनों भाई जनकपुर देखने के लिए चल देते है। दोनों भाई जैसे ही जनकपुर में प्रवेश करते है तो वहाँ के नर नारी दोनों भाइयों को देखकर खिड़कियों के झरोखे से पुष्प वर्षा कर स्वागत करते है। ऐसे सुन्दर बालको को देखकर जनकपुर के लोग ख़ुशी से नही समा रहे है। जब राम लक्ष्मन जनकपुर की बाजार पहुँचते है तो वहाँ के दुकान लगाये लोगो की इच्छा होती है कि भगवान श्रीराम हमारी दुकान से कुछ न कुछ खरीद ले जिससे मैं धन्य हो जाऊ ।  बाजार से वापसी के दौरान भगवान श्रीराम पूजा के लिए जब फुलवारी में फूल तोड़ने के लिए जाते है तो वही पर जनकनन्दनी सीता गौरी पूजन के लिए फूल तोड़ रही होती है सीता जी को देखकर मुग्ध हो जाते है वही सीता जी भी भगवान को देखकर मोहित हो जाती है। बाद विश्वामित्र दोनों भाईयों को लेकर सीता स्वयंवर में ले जाते हैं।

इस मौके पर मेला कमेटी अध्यक्ष देवदत्त यादव,रामसरन जायसवाल,रामू वर्मा बब्लू वर्मा, श्यामाचरण गुप्ता,राम अवध गुप्ता,सुबोध श्रीवास्तव पंकज श्रीवास्तव,लल्लू यादव,राजेन्द्र यादव,कल्लू यादव,मनोज गुप्ता, विजय कुमार वर्मा, सूरज यादव आदि मौजूद रहे।

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