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सारे जहां से अच्छा हिंदोस्तां हमारा, इंसानियत ही है धर्म वतन का - बस जियो वतन के नाम पर

हर भारतीय नागरिक के हृदय में राष्ट्रहित सबसे ऊपर है की भावनाओं को कायम रखना, वीरों स्वतंत्रता सेनानियों महान व्यक्तित्वों को सच्ची श्रद्धांजलि - एडवोकेट किशन भावनानी


गोंदिया - भारत में बीते कुछ महीनों से पूर्ण दमक, ज़ज्बे, शिद्दत के साथ आयोजित आजादी का 75 वां अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है, जिसकी महक हमें गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 2023 को भी देखने को मिल रही है। मेरा मानना है कि इस अमृत महोत्सव की संलग्नता के अनेक सकारात्मक परिणाम हमें आगे देखने को मिलेंगे!! जिसमें इस अमृत महोत्सव का अभूतपूर्व योगदान हो रहा है। मसलन, विज़न 2047, आत्मनिर्भर भारत, राष्ट्रहित सबसे ऊपर है यह भारत की 65 फ़ीसदी युवा आबादी को राष्ट्र भाव की प्रेरणा, स्वास्थ्य, शिक्षा, प्रौद्योगिकी,परिवहन सहित अनेक क्षेत्रों को ज़बरदस्त प्रोत्साहन, इनोवेशन, स्टार्टअप, नवोन्मेष इत्यादि को भारी प्रतिसाद प्राप्त अनेकसकारात्मक पहलू इस अमृत महोत्सव से उदय हुए हैं, जिसकी चर्चा हम रोज़ मीडिया पर देखते हैं। नीचे दी जानकारी पीआईबी मैं उपलब्ध जानकारी के आधार पर संकलित की गई है। 
साथियों बात अगर हम 26 जनवरी को ही गणतंत्र दिवस मनाने की करें तो, दरअसल, हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस इसलिए मनाया जाता है, क्योंकि इसी दिन पूरे देश में संविधान लागू किया गया है। 26 जनवरी, 1950 को संविधान लागू होने के साथ ही भारत को पूर्ण गणराज्य घोषित किया गया था। यही वजह है कि हर साल इस खास दिन की याद में 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जाता है। साल 1947 में भारत को मिली आजादी के बाद इसे लोकतांत्रिक बनाने के मकसद से देश का संविधान बनाना शूरू किया गया। 2 साल 11 महीने और 18 दिन में बनकर तैयार हुए भारत के संविधान को 26 नवंबर, 1949 में देश की संविधान सभा ने स्वीकार किया। इसके बाद अगले ही साल 26 जनवरी, 1950 को पूरे देश में यहसंविधान लागू किया गया था। दरअसल, 26 जनवरी 1930 को अंग्रेजों की गुलामी के खिलाफ कांग्रेस ने भारत को पूर्ण स्वतंत्र घोषित किया था। ऐसे में पूर्ण स्वराज का प्रस्ताव लागू होने की इस तिथि के महत्व को ध्यान में रखते हुए संविधान लागू करने के लिए 26 जनवरी का दिन चुना गया था। 1950 में इसी दिन संविधान लागू करने के साथ ही देश को पूर्ण गणतंत्र घोषित किया गया और तब से लेकर अब तक हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जाता है। 
साथियों बात अगर हम इस अवसर पर बाल पुरस्कारों की करें तो, माननीय पीएम ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार (पीएमआरबीपी) विजेताओं की सराहना की है। भारत सरकार नवाचार, समाज सेवा, शैक्षिक, खेल, कला और संस्कृति तथावीरता जैसी छह श्रेणियों में असाधारण उपलब्धि हासिल करने वाले बच्चों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार प्रदान करती रही है। बाल शक्ति पुरस्कार की विभिन्न श्रेणियों के तहत देश भर से 11 बच्चों को पीएमआरबीपी-2023 के लिए चुना गया है। पुरस्कार पाने वालों में 11 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के 6 लड़के और 5 लड़कियां शामिल हैं। 
साथियों बात अगर हम 74 वें गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि की करें तो, माननीय पीएम ने मिस्र अरब गणराज्य के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी का गर्मजोशी से स्वागत किया है। राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी पीएम के आमंत्रण पर 24-26 जनवरी 2023 तक भारत की राजकीय यात्रा पर हैं। भारत की अपनी दूसरी राजकीय यात्रा पर आए राष्ट्रपति सिसी भारत के 74वें गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि भी होंगे। पीएम ने ट्वीट किया,राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी, भारत में आपका गर्मजोशी से स्वागत है। हमारे गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में भारत की आपकी ऐतिहासिक यात्रा सभी भारतीयों के लिए बेहद खुशी की बात है। कल की हमारी वार्ता के लिए उत्सुक हूं। 
साथियों बात अगर हम गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर माननीय उपराष्ट्रपति के बधाई संदेश की करें तो,उन्होंने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर देशवासियों को बधाई दी है कहा, मैं 74वें गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर सभी देशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देता हूं।
गणतंत्र दिवस हमारे संविधान में निहित सदियों पुराने सभ्यतागत मूल्यों में हमारे विश्वास की पुष्टि करने का अवसर प्रदान करता है। जैसा कि हम जानते हैं कि यह सभी प्रतिष्ठित स्वतंत्रता सेनानियों, महान विचारकों और गुमनाम नायकों के योगदान को याद करने का भी एक पवित्र अवसर है, जिनके बलिदान ने हमारे गणतंत्र की नींव रखी है। इस अवसर पर,  हम अपनी उपलब्धियों का उत्सव मनाएं और नए जोश के साथ राष्ट्र निर्माण के प्रयास के प्रति खुद को फिर से समर्पित करें। 
साथियों बात अगर हम गणतंत्र दिवस 2023 के अवसर पर सम्मानित किए गए मानद आयोग और अन्य सम्मानों की करें तो, गणतंत्र दिवस- 2023 के अवसर पर सम्मानित किए गए मानद आयोग (मानद कैप्टन और मानद लेफ्टिनेंट) की सूची संलग्न है। यह विवरण वर्गीकृत है।(1) सक्रिय राजपत्र ईएनजीआरडी- 2023 (2) रैंक राजपत्र ईएनजीआरडी- 2023 (3) एनसीओ राजपत्र ईएनजीआरडी- 2023 
गणतंत्र दिवस, 2023 के अवसर पर कुल 901 पुलिस कर्मियों को पुलिस पदक से सम्मानित किया गया है। 140 को वीरता के लिए पुलिस पदक (पीएमजी), 93 को राष्ट्रपति के पुलिस पदक (पीपीएम) और 668 को मेधावी सेवा (पीएम) के लिए पुलिस पदक से सम्मानित किया गया है।140 वीरता पुरस्कारों में से अधिकांश में वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों के 80 कर्मियों और जम्मू-कश्मीर क्षेत्र के 45 कर्मियों को उनकी वीरतापूर्ण कार्रवाई के लिए सम्मानित किया जा रहा है। वीरता पुरस्कार प्राप्त करने वाले कर्मियों में, 48 सीआरपीएफ से, 31 महाराष्ट्र से, 25 जम्मू-कश्मीर पुलिस से, 09 झारखंड से, दिल्ली, छत्तीसगढ़ और बीएसएफ प्रत्येक से 7 और शेष अन्य राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों एवं सीएपीएफ के जवान हैं।वीरता के लिए पुलिस पदक (पीएमजी) जीवन और संपत्ति को बचाने या अपराध को रोकने या अपराधियों को गिरफ्तार करने में विशिष्ट वीरता के आधार पर प्रदान किया जाता है। विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति का पुलिस पदक (पीपीएम) पुलिस सेवा में विशेष विशिष्ट रिकॉर्ड के लिए प्रदान किया जाता है और मेधावी सेवा के लिए पुलिस पदक (पीएम) संसाधन और कर्तव्य के प्रति समर्पण की विशेषता वाली मूल्यवान सेवा के लिए प्रदान किया जाता है।प्रत्येक वर्ष गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस पर अग्निशमन सेवाओं, नागरिक सुरक्षा तथा होम गार्डस कर्मियों को वीरता के लिए राष्ट्रपति पदक एवं विशिष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पदक के साथ-साथ वीरता पदक और मेधावी सेवा पदक प्रदान किए जाते हैं। गणतंत्र दिवस 2023 के अवसर पर 47 कर्मियों को अग्निशमन सेवा पदक से सम्मानित किया गया है। 
अतः अगर हम उपरोक्त पूरे घरों का अध्ययन कर उसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे के 74 वां गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 2023 पर विशेष सारे जहां से अच्छा हिंदुस्ता हमारा इंसानियत इंसानियत ही है धर्म वतन का बस जियो वतन के नाम पर, हर भारतीय नागरिक के हृदय में राष्ट्रहित सबसे ऊपर है की भावनाओं को कायम रखना, वीरों स्वतंत्रता सेनानियों महान व्यक्तित्वों को सच्ची श्रद्धांजलि है

 लेखक - कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र

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