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आनलाइन धोखाधड़ी : सीड्स की जगह निकला नमक,दुकानदार सदमें में

  रिजवान अहमद

  बाराबंकी : धोखाधड़ी करने वाले भी तरह तरह के हथकण्डे अपनाते हैं,अब अगर आप भी कोई कीमती वस्तु या सामान मंगवा रहे हैं तो होशियार हो जाइए क्योंकि धोखाधड़ी करने वाले सामान की जगह नमक भेजकर आपकी पूंजी को हड़प कर सकते है और आप उनके द्वारा भेजे गये नमक को अपने जख्मों पर लगातार उनको ताजा कर सकते हैं। ऐसा ही एक मामला सफदरगंज में देखने को मिला प्राप्त जानकारी के अनुसार एग्रीजक्शन सेन्टर निकट रेलवे क्रासिंग, सफदरगंज बाराबंकी के प्रोपराइटर सदाशिव पुत्र वीरेन्द्र सिंह ने नोयो सीड्स इण्डिया प्रा0लि0 दुकान नम्बर-87, पिम्पल जगतप रोड, भीमा कोरेगांव, सीरपुर पुने महाराष्ट्र से दिनांक 27 व 28 दिसम्बर को दो आर्डर खरबूजा, तरबूज व खीरा के बीज का आर्डर किया था जिसका पहला आर्डर चार लाख चौतीस  हजार दो सौ चैवालिस रूपये व दूसरा आर्डर तीन लाख चैबीस हजार एक सौ चौवन रूपये का दिया गया जिसका पेमेंट केनरा बैंक के द्वारा आरटीजीएस द्वारा दिनांक 21 दिसम्बर को दस लाख तिरपन हजार दो सौ रूपये  तथा दूसरा नेट बैंकिंग के द्वारा एक लाख पैसठ हजार रूपये व तीसरा नेट बैकिंग के द्वारा तीन लाख सत्रह हजार आठ सौ पचास रूपये एडवांस पेमेंट किया गया। तब कम्पनी ने पहला आर्डर 22 दिसम्बर को सात लाख अट्ठासी हजार दो सौ सत्ताइस रूपये का माल प्राप्त हुआ व दूसरा व तीसरा आर्डर दिनांक 27-28 दिसम्बर को तीन बाक्स में कोरियर कम्पनी श्री मारूति द्वारा दिया गया जो कि दिनांक 5 जनवरी को प्रार्थी ने मारूति कम्पनी से माल लेने के बाद पहला बाक्सा खोला जिसमें बीज के बजाय नमक के 6 पैकेट निकले, तब पीड़ित को बहुत बड़ा सदमा लगा, दूसरा बाक्स खोलते समय प्रार्थी ने लोगों की मौजूदगी में वीडियो बनाना खोलना शुरू कर दिया उसमें भी नमक के दो पैकेट निकले, जिसकी वीडियो क्लिप पीड़ित के पास मौजूद है। पीड़ित ने कम्पनी व और पार्टियों से बातचीत किया तो पता चला कि कम्पनी और कोरियर कम्पनी द्वारा इससे भी पहले भी कई पार्टियों के साथ धोखाधड़ी की जा चुकी है, पीड़ित का लगभग छह लाख रूपये का सीड कम्पनी और कोरियर कम्पनी ने हड़प लिया है, पीड़ित के साथ सोची समझी षड़यंत्र रचकर धोखाधड़ी की गई। इस सम्बंध में पीड़ित ने थाना सफदरगंज में प्रार्थना पत्र दिया दिया, पिडित ने मजबूर होकर मुख्यमंत्री व सैबर सेल पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है।अब देखना यह है कि क्या पीड़ित को पैसा मिलेगा या बीज और धोखाधड़ी करने वाले पुलिस की गिरफ्त में आते हैं या इसी तरह अन्य भोले भाले लोगों को अपना शिकार बनाते रहेंगे यह तो आने वाला वक्त ही बतायेगा।

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