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हर्षो व उल्लास से निकाला गया जशने ईद मिलादुन्नबी का जुलूस

  अली अहमद

  लोटन सिद्धार्थनगर। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने जशश्ने इद मिलादुन्नबी ग्रामीण क्षेत्रों में भी बहुत ही धूमधाम से जुलूस से मुहम्मदी निकाली “मदरसा अलीमिया एजुकेशन एण्ड वेलफेयर सोसायटी तरघौना लोटन के प्रबन्धक एवं कमेटी के लोगों ने और मदरसे में शिक्षा दे मौलाना व अध्यापको ने पन्द्रह सौ साल पहले जन्मे मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहू अलैहे वसल्लम का जुलूस पुरे क्षेत्र में व चौराहे पर भ्रमण किया गया इस दौरान मौलाना महबूब अली कादरी ने माहे रबीउल अव्वल के बारे मे जगह जगह बताते रहे की नबी ने दुनिया में किया इस्लामी महिने और हिजरी साल का तीसरा महीना है। इस्लामी महीनों की तरह ये महीना भी सबसे अफजल है,  यह इस्लामी तारीख का हिस्सा है जो हमेशा के लिए तारीखे आलम में याद हो गये। उनमें एक इंसानियत, की विलादत का वाकिया। आप सलल्लाहु अलैहि वसल्लम की इस दुनिया में तशरीफ लाए यह तारीखे इंसानियत का सबसे अजीम और सबसे मुकददस तारीख है। नबी करीम सलल्लाहु अलैहि वसल्लम का रूये जमीन पर तशरीफ लाना ही तखलीक कायनात के मकसद की तकमील है। ये जमीन व आसमान अल्लाह ने अपने महबूब सलल्लाहु अलैहि वसल्लम की खातिर ही पैदा फरमाये, लिहाजा आप सलल्लाहु अलैहि वसल्लम की तशरीफ आवरी पर कायनात का ज़र्रा-ज़र्रा झूम उठा। कुफर व शिर्क की जुलमत व तारीकी दूर हो गयी और अनवार व हिदायत से तमाम जमीन रोशन हो गयी।माहे रबीउल अव्वल उम्मते मुस्लिमो के लिए बिलखुसूस और आलमे इंसानियत के लिए  निहायत ही मुबारक  महिना है । मौलाना दानिश रजा गोरखपुरी ने जुलूस में जगह जगह यह बताया  की मजहबे इस्लाम भाईचारा अमन व शांति का पैगाम देता है इस दौरान थाना प्रभारी निरीक्षक देवनन्दन उपाध्याय ने जुलूस में फोर्स के साथ देख रेख की।और पैदल जुलूस मे साथ साथ चलते जुलूस समाप्त के बाद ही वापस गये जुलूस में शामिल लोगो ने प्रशासन की तारीफ की इस दौरान जूलूस में आधुनिक अध्यापक शहजाद आलम, मोहम्मद रफीक अंसारी,अली अहमद, रहमतुल्लाह खान, सद्दाम हुसैन,असलम खान, शहजाद अहमद, मौलाना आलम गीर, मौलाना शमशाद, हसन मोहम्मद, उस्मान अली,नजरुद्दीन, अरमान, मोहम्मद हासिम,साहिल, परवेज,सरवरे, अख्तर हुसैन, शमशाद, शहाबुदीन, सुल्तान,छैला,समी, अफरोज,हाफिज अकरम खान, मोहम्मद खालिद, अतीउल्लाह खान,मोहम्मद आरिफ, इम्तियाज,रियाज अहमद, अब्दुल कलाम, आदि जूलूस में शामिल रहे।

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