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किसान दिवस पर जिलाधिकारी श्रीमती अपूर्वा दुबे ने सुनी किसानों की समस्याएँ

  संवाददाता 

  उन्नाव। उत्तर प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप ‘‘किसान दिवस’’ का आयोजन विकास भवन सभागाार में जिलाधिकारी श्रीमती अपूर्वा दूबे की अध्यक्षता में किया गया। जिलाधिकारी ने किसान दिवस के अवसर पर जनपद के दूर दराज क्षे़त्रों से आये 15 से अधिक किसानों की समस्याओं को सुना गया तथा संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्यवाही के सख्त निर्देश दिए गए। ज्यादा तर किसानों की शिकायतें बिजली विभाग, कृषि विभाग, उद्यान विभाग, मत्स्य विभाग, पशु पालन विभाग एवं सरकार द्वारा संचालित जन कल्याणकारी योजनाओं से संबंधित रहीं। डीएम ने किसानों को आश्वस्त किया कि किसान दिवस में प्राप्त शिकायतों का गुणवत्ता पूर्ण निस्तारण कराया जाएगा। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जनपद का कोई भी किसान पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेने से वंचित न रहे। उन्होंने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए कि जिन पशुपालकों का केसीसी हेतु आवेदन पेंडिग है उसे एलडीएम के साथ समन्वय स्थापित तुरन्त स्वीकृत कराया जाए। यह भी कहा कि निराश्रित गौवंश रखने वाले किसानों का भुगतान समय से किया जाए। इस मौके पर विभिन्न विभागों द्वारा उपस्थित किसानों को सरकार द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई तथा सूचना विभाग द्वारा किसान दिवस में आये किसानों को सरकार की योजनाओं एवं उपलब्धियों संबंधी उ0प्र0 संदेश नामक पुस्तिका का वितरण किया गया। डीएम ने फसल अवशेष/पराली प्रबन्धन को लेकर किसानों को अवगत कराया कि पराली को कदापि न जलाया जाए। इससे वायु एवं जल दोनो तरह के प्रदूषण होते हैं। जो हमारे पर्यावरण के लिए बहुत ही हानिकारक है। उन्होंने कहा कि किसान बन्धु अपनी फसल अवशेषों को नजदीकी गौशालाओं में देकर उसके बदले गोबर की खाद प्राप्त कर सकते है। उन्होंने कहा कि जो भी किसान पराली जलाते हुए पाया जाएगा, उस पर 2500 रू0 से लेकर 15,000 रू0 तक का अर्थदण्ड अधिरोपित किया जा सकता है। किसान दिवस में मुख्य विकास अधिकारी श्री दिव्यांशु पटेल, उप कृषि निदेशक डा0 मुकुल तिवारी, जिला कृषि अधिकारी कुलदीप कुमार सहित अन्य अधिकारी गण एवं किसान बन्धु उपस्थित रहे।

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