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गांधी की प्राकृतिक चिकित्सा कोरोना काल में वरदान साबित हुई : राज्यमंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र

  सगीर अमान उल्लाह

 बाराबंकी। गांधी की प्राकृतिक चिकित्सा कोरोना काल में वरदान साबित हुई। वह चाहते थे कि प्राकृतिक चिकित्सा का प्रचार गांव-गांव हो। लोग इसका उपयोग करके न केवल निरोगी बनें, बल्कि आर्थिक रूप से भी सबल हो सकें। उन्होंने भी स्वस्थ रहने के लिए प्राकृतिक चिकित्सा ही अपनाया था। यह बात गांधी जयन्ती समारोह ट्रस्ट द्वारा आयोजित अमृत महात्मा गांधी सप्ताह के समापन पर गांधी भवन में पहुंचे उ.प्र. के आयुष, खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार डॉ. दयाशंकर मिश्र दयालु ने कही। इस मौके पर उन्होंने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर मार्ल्यापण उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित किया। इस दौरान गांधी जयन्ती समारोह ट्रस्ट के अध्यक्ष राजनाथ शर्मा ने समाज में डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु‘ की सतत सामाजिक सहभागिता को प्रोत्साहित करते हुए उन्हें सामाजिक सहभागिता सम्मान देकर सम्मानित किया। 

दयाशंकर मिश्र ‘दयालु ने आगे कहा कि कोराना महामारी के दौर में जब हर विधा  आपने अपने क्षेत्र में प्रयासरत थी और लगातार निराश हो रही थी। तब पूरे विश्व में प्राकृतिक चिकित्सा द्वारा रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास कर कोराना वायरस से मुक्ति का साधन बना। श्री मिश्र ने कहा कि गांधीवादी राजनाथ शर्मा गांधी के विचारों और सिद्धान्तों पर चलने वाले समाज की धरोहर है। गांधीजी के विचारों को आत्मसात करके कैसे अपने जीवन जिया। यह एक मिसाल है। जो हमें बापू के बताए रास्ते पर चलने की सीख देता है। इस मौके पर गांधीवादी राजनाथ शर्मा ने कहा कि आयुष मंत्रालय के बनने से महात्मा गांधी की प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति को बल मिला। जिसे डॉ. दयाशंकर मिश्र आगे बढ़ा रहे है। महात्मा गांधी की प्रासंगिकता हर सदी में बनी रहेगी। भारत ही नहीं बल्कि पूरा विश्व उन्हें महामानव के रूप में स्मरण करता है समारोह का संचालन पाटेश्वरी प्रसाद ने किया। 

  इस मौके पर वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. सी.एम. मिश्रा, जिला पूर्ति अधिकारी डॉ राकेश तिवारी, विनय कुमार सिंह, अमन वर्मा, मृत्युंजय शर्मा, सत्यवान वर्मा, शमशेरा सिंह, पवन शर्मा, अजीज अहमद, एहतेशाम खान, मोहम्मद दानिश, पवन शर्मा, धनंजय शर्मा, पी.के सिंह,नीरज दूबे,जमाल नईम खान,राहुल रावत,आयुष यादव, बराती वर्मा,अनिल यादव,मो. तौफीक सहित कई लोग मौजूद रहे।

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