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बाराबंकी : समाजवादी कार्यालय पर मनाई गई विश्वकर्मा जयंती

  सगीर अमान उल्लाह

  बाराबंकी। भगवान विश्वकर्मा जी को निर्माण एवं सर्वजन का देवता  माना जाता है पौराणिक मान्यता है कि सोने की लंका का भी निर्माण भगवान विश्वकर्मा ने ही किया था।उक्त विचार समाजवादी पार्टी के निवर्तमान जिला अध्यक्ष हाफिज अयाज अहमद की अध्यक्षता में देव शिल्पी जगतकर्ता भगवान विश्वकर्मा जी की जयंती पर जिला समाजवादी पार्टी कार्यालय पर निवर्तमान जिला कोषाध्यक्ष प्रीतम सिंह वर्मा के संचालन में आयोजित विचार गोष्ठी मे वास्तु सृजन के देवता भगवान विश्वकर्मा जी के चित्र पर माल्यार्पण करने के पश्चात उपस्थित समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।

जिला अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं से भगवान विश्वकर्मा जी के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि हिंदू धर्म में मानता है कि प्राचीन काल में जितनी भी राजधानियां थी सभी का निर्माण भगवान विश्वकर्मा के द्वारा ही हुआ था यहां तक की सतयुग का स्वर्ग लोक त्रेता युग की लंका द्वापर की द्वारिका और कलयुग का हस्तिनापुर आज भगवान विश्वकर्मा जी के द्वारा ही रचित माना जाता है भगवान विश्वकर्मा की पूजा सभी  बुनकर शिल्पकार और औद्योगिक घरानों के द्वारा धूमधाम से की जाती है इस दिन ज्यादातर कल कारखाने बंद रहते हैं और लोग हर्षोल्लास के साथ भगवान विश्वकर्मा की जयंती मनाते हुए पूजा अर्चना करते हैं  मान्यता है कि धन धान्य और सुख समृद्धि अभिलाषा रखने वाले सभी लोगों को बाबा विश्वकर्मा की पूजा अवश्य करनी चाहिए और यह पूजा सभी के लिए मंगलदाई है फलकारी है जीवन में अगर हमें आगे बढ़ना है हमें कोई मुकाम हासिल करना है तो हम को भगवान विश्वकर्मा जी से आशीर्वाद लेते हुए किसी भी काम की शुरुआत करनी चाहिए जिस काम पर भगवान विश्वकर्मा जी अपना हाथ रख देते हैं वह दिन दूनी रात चौगुनी तरक्की करता।विचार गोष्ठी को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता हुमायूं नईम खान ने कार्यकर्ताओं से कहा कि भगवान विश्वकर्मा सभी की मनोकामना पूरी करने वाले देवता है भगवान श्री कृष्ण के परम मित्र सुदामा जब मिलने गए तो भगवान श्री कृष्ण ने उनकी बड़ी आवभगत की उनका बड़ा मान सम्मान और सत्कार किया लेकिन जाते हुए उनको विदाई में कुछ नहीं दिया सुदामा घर की ओर जाते हुए बड़े अचरज में थे घर में मैं अपने बच्चों को पत्नी को क्या जवाब दूंगा कि मैं अपने मित्र के यहां गया था और पत्नी ने कहा था कुछ उन से ले आना जिससे बच्चों का और अपना भरण-पोषण हो सके लेकिन हमारे मित्र ने तो हमको कुछ दिया ही नहीं लेकिन सुदामा जब अपने गांव पहुंचे उन्होंने अपनी कुटिया की जगह भव्य महल देखा नौकर चाकर देखें तो उनको अपने मित्र की महिमा समझ में आई  आज उसी सुदामा के नगरी को सुदामा पुरी कहा जाता है सुदामापुरी का निर्माण भी भगवान विश्वकर्मा के द्वारा ही किया गया था क्योंकि रातो रात  कहीं भव्य नगर बसा देना यह कार्य सिर्फ और सिर्फ भगवान विश्वकर्मा जी ही कर सकते थे। 

  विचार गोष्ठी में मुख्य रूप से निवर्तमान जिला उपाध्यक्ष नसीम कीर्ति, राजेंद्र वर्मा पप्पू, कामता प्रसाद यादव, हिमांशु यादव, मोहम्मद सबाह, पूर्व ओएसडी मुख्यमंत्री सुरेश चंद गौतम, निवर्तमान जिला सचिव यशवंत सिंह यादव, राजेश कुमार वर्मा, वीरेंद्र वर्मा नेवली, जैसी राम यादव, निवर्तमान जिला अध्यक्ष लोहिया वाहिनी यशवंत यादव, सभासद ताज बाबा राइन, लल्ला यादव, जितेंद्र पटेल, निवर्तमान जिला कोषाध्यक्ष अल्पसंख्यक सभा समीम चौधरी, नगर अध्यक्ष अल्पसंख्यक सभा हफीज सलमानी, शैलेंद्र आनंद, निवर्तमान नगर अध्यक्ष महिला सभा श्रीमती पूनम यादव, श्रीमती उर्मिला सैनी, श्रीमती तरन्नुम निशा, सुमन यादव, सुषमा सिंह,  सैफ अंसारी, दीपक रावत, यादवेंद्र सिंह यादव, एवं जिला प्रवक्ता वीरेंद्र प्रधान आदि प्रमुख लोग विचार गोष्ठी में मुख्य रूप से मौजूद रहे और भगवान विश्वकर्मा जी के चित्र पर माल्यार्पण कर भगवान विश्वकर्मा का आशीर्वाद लिया।

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