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"इंडिया से भारत की ओर" शैक्षिक संगोष्ठी का आयोजन


   रईस अंसारी

 बाराबंकी। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ जनपद इकाई बाराबंकी द्वारा स्वतंत्रता का अमृत महोत्सव कार्यक्रम का आयोजन जिला सहकारी बैंक के चंद्रमौलि सभागार में किया गया। कार्यक्रम की शुरुवात मुख्य अतिथि मा0 अंगद सिंह द्वारा दीप प्रज्जवलित कर किया गया।कार्यक्रम के मुख्य वक्ता मा0 भगवती सिंह जी थे।

गोष्ठी की अध्यक्षता वरिष्ठ शिक्षक सहजराम वर्मा ने की। विचार गोष्ठी में अपने विचार व्यक्त करते हुए मुख्य अतिथि मा0 अंगद सिंह जी ने कहा की यदि भारत की खोई प्रतिष्ठा को पुनर्स्थापित करना है तो हमे शिक्षक को गुरु का दर्जा देना ही होगा। शिक्षक को सम्मान दिए बिना राष्ट्र का सम्मान संभव नहीं है।

मुख्य वक्ता राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के प्रांतीय महामंत्री भगवती सिंह ने कहा की हमे महासंघ के त्रिसूत्रीय सिद्धांत राष्ट्र के लिए शिक्षा, शिक्षा के लिए शिक्षक और शिक्षक के लिए समाज पर कार्य करना ही होगा। गुणवत्ता और नैतिक मूल्यों पर आधारित शिक्षा के बिना राष्ट्र की वास्तविक प्रगति नहीं हो सकती है। गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ शिक्षक सहजराम वर्मा ने कहा कि शिक्षक के लिए समाज के अंतर्गत समाज को अपने दायित्व का निर्वहन करना चाहिए। सरकार भी समाज का एक अंग है और सरकार को महासंघ की वाजिब मांगे पुरानी पेंशन, कैशलेश चिकित्सा,अर्जित अवकाश तत्काल मान लेनी चाहिए।इस अवसर पर सुनील कुमार, संतोष वर्मा,महेश मिश्रा जिला अध्यक्ष सीतापुर, प्रदेश कोषाध्यक्ष पवन शंकर दीक्षित, सुभाष तिवारी, गंगा शरण , ब्लॉक अध्यक्ष सिरौली गौसपुर सौरभ दीक्षित, आलोक कुमार सिंह,राज नारायन तिवारी, पुनीत वर्मा, विनोद कुशवाहा,सर्वजीत सिंह,विवेक सिंह वर्मा आदि शिक्षक, किसान,पत्रकार,वकील एवम स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिवार के सदस्य  मौजूद रहे।

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