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अवसाद के कारण एवं निवारण

   अवसाद एक ऐसी अवस्था होती है,जब व्यकि चिंता,तनाव और उदासी से घिर जाता है और उसके दैनिक कार्यों पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है! ऐसी अवस्था में व्यकि की सोचने समझने की क्षमता में ह्रास होने लगता है! कभी कभी अत्यधिक अवसाद आत्महत्या का कारण भी बन जाती है! अवसाद के कई लक्षण हो सकते हैं जैसे -

अवसाद व्यक्ति को मनोवैज्ञानिक रूप से ही नही अपितु शारीरिक रूप से प्रभावित करता है,ऐसी स्थिति में व्यक्ति में थकान महसूस होना,शक्तिहीनता,नींद में कठिनाई होना,भूख में कमी होना,एकाग्रता में कमी होना,अपराध बोध होना,निर्णय लेने में कठिनाई होना,आत्म नुकसान या आत्महत्या के बारे में बार-बार विचार आना,चिड़चिड़ापन होना,आत्मविश्वास की कमी,व्यकि हमेशा,स्वंय उलझने में एवं हारा हुआ महसूस करना आदि ये लक्षण होते हैं,

अवसाद को उत्पन्न करने वाले कारण कुछ इस प्रकार हैं जैसे -

मस्तिष्क में कुछ रसायनों में परिवर्तन से अवसाद का खतरा,मादक द्रव्यों के सेवन से अवसाद का खतरा,पर्यावरणीय कारक से अवसाद का खतरा,दवाओं के दुष्प्रभाव से अवसाद का खतरा,आत्मसम्मान की कमी,रिश्तों में दरार,काम का अत्यधिक दबाव,कार्यों में निरंतर असफलता,क्षति,नुकसान व्यापार में घाटा,निकट संबंधी की मृत्यु,सामाजिक सहयोग का अभाव,बेरोज़गारी,आर्थिक तंगी आदि अवसाद को इन उपाय से रोका जा सकता है जैसे -प्रतिदिन व्यायाम व मेडिटेशन करें,पौष्टिक आहार ले,पर्याप्त नींद ले,सगे संबंधियों के संपर्क में रहे व नकारात्मक लोगों से दूर रहें,समय समय पर मनोवैज्ञानिक चिकित्सक से संपर्क करते रहें, परिजनों या दोस्तों के साथ बाहर टहलने जाए,पुरानी बातों के बारे में ना सोचें,रुचिकर कार्य करें!

लेखक हरीश कुमार

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