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ईद अल अजहा का त्योहार अल्लाह के हुक़्म अल्लाह की रजा के लिए : सभासद मुजीब अंसारी

   सगीर अमान उल्लाह

  बाराबंकी। ईद अल अजहा पर्व हमे सिखाता है कि जिस तरीक़े से इब्राहीम अलैहिस्सालाम ने अल्लाह के हुक़्म पर अल्लाह की रजा के लिए , बिना कुछ देर किये अपने एक्लौते चहिते बेटे ईस्माईल अलैहिस्सालाम की कुर्बानी देने लगे थे लेकिन क़ुर्बानी करते वक़्त जैसे ही छूरी चलाई थी उसी वक़्त अल्लाह ने छूरी और गर्दन के बीच मे एक दुम्बा रख दिया और इस्माईल की बजाय दुम्बा की क़ुर्बानी हो गई हुजूर पाक सललललाहू अलैहि वसल्लम ने फरमाया कि क़ुर्बानी इब्राहीम अलैहिस्सालाम की सुननत है।इस सुननत को पूरी दुनिया का मुसलमान मनाता है भाईयो क़ुर्बानी केवल गोस्त खाने का नाम नही बल्कि ये पर्व हमे सिखाता है कि हमे अपने मालिक और खालिक (अल्लाह- ईशवर) के हुक़्मो पर अमल करना चाहिये। सोचो एक बाप ने अल्लाह के हुक़्म पर अपने एक्लौते बेटे की क़ुर्बानी दे दी थी लेकिन अल्लाह जल्ले जलाल ने अपनी रहमत दिखाई। वोह हमेशा अपने बन्दो पे रहम और करम करता है वोह तो इम्तिहान लेता है और जो उसके हुक़्मो पर अमल करता है वोह दुनिया और आखिरत मे कामयाब होता है। 

इस पर्वे से हमे सीखना चाहिये कि  हमारे लिए अल्लाह ईष्वर का हुक़्म ही सबसे बड़ा है। हमे किसी को भी तकलीफ नही देना चाहिये, हमे शैतानी कामो से बचना चाहिये, हमे अपने मुल्क की तरक्की और अमन के लिए एक हो करके काम करना चाहिये। हम सब एक ईशवर के बनाये हुवे हैं उसका हुक़्म सर्वपरी है मुझे अपने मुस्लिम भाईयों से कहना है कि क़ुर्बानी करने के बाद साफ सफाई का विशेष धियान दे और कहीं भी खुले मे क़ुर्बानी के अवशेष ना छोड़े । आपकी क़ुर्बानी की वजे से किसी भी भाई को कोई तकलीफ ना हो। क़ुर्बानी की किसी भी तरह की वीडियो बनाके सोसल मीडिया पे ना डाले।

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