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बाराबंकी : खाऊ कमाऊ नीति के चलते सुर्खियों में एआरटीओ कार्यालय

राष्ट्रीय किसान मंच ने भ्रष्टाचार के खिलाफ खोला मोर्चा

ब्यूरो सगीर अमान उल्लाह

बाराबंकी। जनपद में एआरटीओ कार्यालय अपनी निरंकुश शैली व खाऊ कमाऊ नीति के चलते सुर्खियों में बना रहता है! आये दिन कार्यालय से त्रस्त जनता परेशान रहती है! अधिकारी आते है, अधिकारी जाते है लेकिन भ्रष्टाचार का खेल बदस्तूर जारी रहता है! एआरटीओ कार्यालय में दलालो का इतना मजबूत चक्रव्यूह बना रहता है कि जिसे भेद पाना असंभव है! कहने को तो कार्यालय में लिखा है कि यह परिसर दलालो से मुक्त है जबकी वास्तविकता यह है कि पूरा परिसर दलालो से ही युक्त है! जनता की इन्ही समस्याओं को देखते हुए राष्ट्रीय किसान मंच के जिला अध्यक्ष सत्यनाम यादव व जिला मीडिया प्रभारी सुरेंद्र कुमार ने एआरटीओ कार्यालय के भ्रष्टाचार को जड़ से उखाड़ फेकने का बीड़ा उठाते हुए इसकी शुरुआत कर दी है राष्ट्रीय किसान मंच के दोनों पदाधिकारीरियों ने कहा है कि यह संघर्ष अंजाम तक पहुंचने तक रुकने वाला नहीं है क्योंकि हम ना बिकने वाले है और ना ही जान के डर से डरने वाले है!जिलाधिकारी को डाक के जरिये दिये  प्रार्थना पत्र में एआरटीओ कार्यालय बाराबंकी का सारा काला चिटठा खोल कर रख दिया है! साथ ही प्रदेश के मुख्यमंत्री वा परिवहन मंत्री को भी जरिए डाक प्रार्थना पत्र भेजकर तत्काल प्रभाव से हो रही अवैध वसूली पर रोक लगाए जाने के संबंध में उचित कार्यवाही किए जाने हेतु समस्त पीड़ित जनता की ओर से निवेदन किया है! गौर तलब रहे कि बाराबंकी के उप संभागीय परिवहन विभाग बाराबंकी में हो रहा अवैध वसूली गाड़ी फिटनेस, गाड़ी ट्रांसफर व लाइसेंस बनाने के नाम पर लिया जा रहा अवैध तरीके से पैसा और इसकी शिकायत अधिकारियों से करने पर उलटे किसान नेताओं के ऊपर  अनावश्यक दबाव बनाने का आरोप जड़ दिया गया! जबकि एआरटीओ ऑफिस में अधिकृत रूप से चार या पांच बाबू है और 15 लोग ऐसे हैं जो परमानेंट लाइसेंस पर 1200 सौ रुपए, व लर्निंग लाइसेंस पर 800 सौ रूपये, हाईवे पर 3500 सौ रूपये लिया जाता है आखिर यह क्या लीगल पैसा लिया जा रहा है?

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