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अधिकारी को जनता के बीच रहना चाहिए जनता का सेवक बनकर : हीरालाल चौधरी

  ब्युरो सगीर अमानु उल्लाह

  बाराबंकी। सकारात्मकता और ऊर्जा से परिपूर्ण कोई भी व्यक्ति डायनामिक हो सकता है। ‘डायनामिक डीएम‘ पुस्तक जीवन के उन मूल्यों को दर्शाती है जो हमें सहयोग से सुशासन और सुशासन से समृद्धि की ओर जाते है एक अधिकारी को जनता के बीच रहना चाहिए जनता का सेवक बनकर काम करना चाहिए उनके साथ जमीन पर बैठक कर उनकी समस्याएं सुननी चाहिए। तभी देश में सुशासन आएगा। यह बात रविवार को गांधी भवन में समाजसेवी हाजी उमेर किदवई की अध्यक्षता में आयोजित ‘डायनामिक डीएम‘ पुस्तक चर्चा के मुख्य अतिथि डॉ हीरा लाल चौधरी ने कही इससे पहले उन्होंने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर मार्ल्यापण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने अपने संबोधन में आगे कहा कि जनता के सहयोग और आगुवाई के बिना जनपद में सुशासन नहीं लाया जा सकता है। यह तभी संभव है जब अधिकारी जनता को अपना परिवार और जनता उसे अपना अभिभावक माने। बांदा में जिलाधिकारी रहते हुए जनता का विश्वास जीता उनके लिए एसी कमरे में नहीं बल्कि कलेक्ट्रेट परिसर में ही जनता चौपाल लगाई और जीमन बैठक कर जनता की समस्याओं को सुनने का सिलसिला शुरू किया उन्होंने आगे कहा कि महात्मा गांधी ने अहिंसा की बात की जिसका पूरी दुनिया में कोई तोड़ नहीं है। गांधी जी देश में सुशासन की बात करते थे। उनका मानना था कि सुशासन तभी आए जब आम आदमी खुशहाल होगा। उसकी तरक्की बढ़ेगी। विशिष्ट अतिथि फिल्म अभिनेता एवं निर्देशक आदित्य ओम ने कहा कि भारत में पीएम, सीएम और डीएम तीन सबसे महत्वपूर्ण पद होते हैं। इन तीनों पदों का सीधा जुड़ाव आम जनता से होता है। जो देश की रूपरेखा और भविष्य तय करते है। गांधीवादी राजनाथ शर्मा ने कहा कि डॉ हीरा लाल ने डीएम से लेकर डायनामिक डीएम बनने तक का सफर जिन संघर्षों में तय किया, यह किताब उनके अनुभवों को साझा करती है। यह पुस्तक एक प्रशासनिक अधिकारी के आचरण, व्यवहार और कार्य क्षमता को नया स्वरूप देती है। पुस्तक चर्चा में वरिष्ठ अधिवक्ता शऊर कामिल किदवई, हुमायूं नईम खान, जमील उर रहमान, वरिष्ठ पत्रकार सतीश श्रीवास्तव ने अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम का संचालन पाटेश्वरी प्रसाद ने किया।  इस मौके पर विनय कुमार सिंह, अनवर महबूब किदवई, हाजी सलाउद्दीन किदवई, मृत्युंजय शर्मा, नीरज दूबे, वरिष्ठ पत्रकार महंत बी.पी दास, श्रीनिवास त्रिपाठी, साकेत संत मौर्या, सत्यवान वर्मा, मो अदीब इकबाल, अजीज अहमद, मुकेश मिश्रा, मनीष सिंह, मुजीब अहमद, अनिल यादव आदि लोग मौजूद रहे।

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