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फर्जी मार्कशीट बनाने वाले संस्थानों का पर्दाफाश,संस्थानों के दो संचालकों को पुलिस ने किया गिरफ्तार

    असदुल्लाह सिद्दीकी

डुमरियागंज,सिद्धार्थनगर। जिले की सोशल मीडिया सेल के माध्यम से तकनीकी जानकारी एकत्रित कर के दो फर्जी संस्थानों का पर्दाफा किया गया, जनपदीय एस0ओ0जी0 एवं सर्विलां व थाना डुमरियागंज की संयुक्त पुलिस टीम द्वारा विभिन्न पाठ्यक्रमों के फ़र्जी मार्कशीट(ओ0 लेवल, ए0 लेवल, सी0सी0सी0, एनटीटी, योग आदि) बना/जारी करने वाले गिरोह के दो अवैध संस्थानों के संचालकों को गिरफ्तार कर कब्जे से कई फ़र्जी मार्कशीट, मुहर, परीक्षा के प्रश्नपत्र व  लिखित कॉपियां एवं मार्कशीट बनाने के उपकरण बरामद किये ह।सोशल मीडिया प्लेटफार्म के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि डुमरियागंज सर्किल क्षेत्र में कुछ संस्थानों द्वारा छात्रों से धन लेकर विभिन्न कोर्सों के मार्कशीट बगैर परीक्षा में सम्मिलित हुए ही उपलब्ध कराये जा रहे हैं, उक्त सूचन को तत्काल संज्ञान लेकर डॉ0 यशवीर सिंह, पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर द्वारा उक्त प्रकरण की जांच एवं कार्यवाही हेतु अविलम्ब एक विशेष पुलिस टीम का ग किया गया जिसमें पुलिस टीम द्वारा तकनीकी एवं महत्वपूर्ण जानकारी हेतु मीडिया/सोशल मीडिया से सिद्धार्थनगर से समन्वय स्थापित कर सुरेश चन्द्र रावत, अपर पुलिस अधीक्षक, सिद्धार्थनगर के निर्देशन एवं अजय कुमार श्रीवास्तव, पुलिस उपाधीक्षक डुमरियागंज के कुशल पर्यवेक्षण में सूर्यभान सिंह, प्रभारी निरीक्षक थाना डुमरियागंज,जीवन त्रिपाठी, प्रभारी एसओजी0 द्वारा श्री रामसूरत निजी आईटीआई0 कॉलेज के प्रबंधक श्याम चौधरी से पूछताछ  किया गया एवं संस्थान के सम्बन्ध में प्रमाण पत्र माँगा गया तो कोई भी वैध प्रमाण नहीं दिखाया एवं संस्थान से निर्गत प्रमाण पत्र की जांच मे समस्त दस्तावेज/मार्कशीट फ़र्जी मिले उसकी निशानदेही पर उसके संस्थान की जां राजपत्रित अधिकारी के समक्ष करने पर विभिन्न पाठ्यक्रमों के फ़र्जी मार्कशीट जैसे :- ओ0 लेवल, ए0 लेवल, सी0सी0सी0, एनटीटी, पीजीडीसीए डीसीए0 बॉम्बे आर्ट, योग आदि की मार्कशीट एवं वो परीक्षाएं जो केवल ऑनलाइन माध्यमों स संचालित होती हैं, उनकी भी प्रश्नपत्र एवं उत्तरपुस्तिकाएं तथा कुछ ऐसी मार्कशीट जो, ऐनआईईएलटी0 द्वारा ही जारी की जा सकती हैं व श्री राम सूरत एपेक्स इंस्टिट्यूट एंड टेकनोलॉजी द्वारा निर्गत प्राप्त हुई जिसके पंजीयन संख्या की जांच की गई तो फ़र्जी  मिले,श्री राम सूरत एपेक्स इंस्टिट्यूट एंड टेकनोलॉजी संस्थान की मान्यता इत्यादि के संबंध में कोई भी वैध कागज़ात दिखने में असमर्थ रहा | 

पूछताछ में संस्थान में ही फ़र्जी मार्कशीट बनाने के उपकरण जैसे कंप्यूटर, लैपटॉप, कलर प्रिंटर, पेन ड्राइव्स, फिंगर प्रिण्ट स्कैनर एवं विभिन्न परीक्षा प्राधिकारी संस्थाओं के मुहर इत्यादि मिले | संस्थान में ही ए अन्य कमरे में आईटीआई0 कोर्स से संबंधित उपकरण भी मिले, पूछताछ में प्रबंधक द्वारा बताया गया कि उसकी एक  अन्य संस्था श्री राजाराम कम्प्यूटर एंड टेकनोलॉजी कस्बा बुढ़ त्रिलोकपुर में भी है वहां भी फ़र्जी मार्कशीट इत्यादि का काम होता है, वहां प्रबंधन का कार्य रमेश यादव देखता है, टीम द्वारा वहाँ पहुंचकर रमेश यादव से पूछताछ कर वहां से भी कुछ फ़र्जी मार्कशीट, कंप्यूटर, लैपटॉप, कलर प्रिंटर, पेन ड्राइव्स, प्रवेश पत्र बरामद किया गया | कल 21.06.2022  समय लगभग सायंकाल 09:00 बजे दोनों संस्थानों को राजपत्रित अधिकारी के समक्ष सील किया गया, व पुलिस द्वारा पूछे गये नाम पता मे पहला अभियुक् श्याम चौधरी पुत्र रामसुरत निवासी रमवांपुर उर्फ नेबुआ थाना डुमरियागंज जनपद सिद्धार्थनगर (प्रबन्धक रामसूरत अपेक्स इन्स्टीच्युट आफ टेक्नोलॉजी रमवापुर नेबुआ डुमरियागंज) व दूसरा अभियुक्त रमेश यादव पुत्र राजाराम यादव निवासी मधुकरपुर थाना इटवा जनपद सिद्धार्थनगर। दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर पुलिस टीम  द्वारा दोनों अभियुक्तों से कड़ाई एवं वैज्ञानिक तरीकों से पूछताछ में अभियुक्तों द्वारा बताया गया कि हम लोगों का दो इंस्टिट्यूट(1-श्री राम सूरत एपेक्स इंस्टिट्यूट एंड टेकनोलॉजी व 2-  श्री रामसूरत निजि आईटीआई0 कॉलेज) है, जहां हमलोग छात्र/परिजन जब आते हैं और कोर्स के संबंध में जानकारी लेते हैं तो हम लोग बताते हैं यदि आप पैसा दें तो हम लोग तुरंत ही मार्कशीट उपलब्ध करा सकते हैं | हम लोग पैसा लेकर छात्रों को विश्वाश दिलाने के लिए अपने संस्था की वेबसाइट पर उनका प्रवेश पत्र कोरल ड्रॉ सॉफ्टवेयर के माध्यम से बनाकर उनको दे देते हैं, वो परीक्षा जो ऑनलाइन माध्यमों से होती हैं, हम लोग छात्रों को बताते हैं कि लेट पेमेंट जमाकर हम यहीं ऑफलाइन परीक्षा आयोजित करा देंगे, हमलोग किताबों से प्रश्नपत्र कॉपी कर बना लेते हैं एवं डुमरियागंज में कॉपी एवं मुहर छपवा व बनवा लेते हैं एवं परीक्षा कराकर अपने संस्था के नाम से फ़र्जी पंजीयन क्रमांक व रोल नंबर आदि  डालकर अपने कलर प्रिण्टर से सॉफ्टवेयर के माध्यम से मार्कशीट बनाकर दे देते हैं |  कुछ कोर्सों की मार्कशीट हम लोग फैज़ाबाद के एक प्रतिष्ठित संस्थान से मंगाते हैं जो एनटीटी0, योग इत्यादि की मार्कशीट महर्षिदयानन्द संस्थान के नाम से देते हैं | कुछ लोगों को सीसीसी एवं अनुभव प्रमाण पत्र भी देते हैं, उनके द्वारा पूर्व में जिन अभियर्थियों को मार्कशीट निर्गत की गई है, उनके भी नाम पता बताया गया है, जिसकी जांच प्रचलित है कि कहां कहां मार्कशीटों का प्रयोग किया गया है। पुलिस ने दोनों अभियुक्तों के खिलाफ थाना डुमरियागंज में मुकदमा पंजीकृत कर कार्यवाही करते हुये जेल भेजा।

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