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अवैध तरीके से बने हुए मकानों पर चला बुलडोजर सुरक्षित भूमि कब्जा मुक्त

   सगीर अमान उल्लाह

बाराबंकी। देवा वन रेंज क्षेत्र के इसराहना गांव और राजस्व ग्राम पलटा के बॉर्डर पर देवा वन रेंज की संरक्षित वन पट्टी है इस भूमि पर इसराहना ग्राम प्रधान के द्वारा कई वर्ष पहले वोट के लालच में बाहर से आए हुए व्यक्तियों को अवैध तरीके से संरक्षण दिया गया था। किंतु अप्रैल 2022 में इस भूमि पर जब देवा वन विभाग की नजर पड़ी तो देखा कि कई कच्चे मकान बने हुए हैं और लोग यहां पर इन मकानों में निवास कर रहे हैं। इस भूमि पर निवास कर रहे लोगों को देवा वन दरोगा प्रशान्त सिंह के द्वारा एक नोटिस अप्रैल माह में दी गई थी उसमें यह अवगत कराया गया कि 2 माह के अंदर इस भूमि को खाली कर दें नहीं तो जबरदस्ती खाली कराया जाएगा। पर लोगों ने भूमि खाली नहीं की जिसके कारण शनिवार को क्षेत्र के वन दरोगा प्रशांत सिंह ने अवैध तरीके से बने हुए मकानों पर बुलडोजर चलाकर सुरक्षित भूमि को यहां के लोगों से कब्जा मुक्त कराया और सभी को चेतावनी भी दी कि अब कोई भी वन विभाग की जमीन पर नहीं आएगा नहीं तो उसके खिलाफ मुकदमा लिखा जाएगा। कुछ लोगों के द्वारा दो माह पहले वन विभाग की जमीन से पलायन कर पलटा लेखपाल के संरक्षण में राजस्व ग्राम पल्टा की जमीन पर कब्जा कर लिया गया है।

  और जिन लोगों को शनिवार को हटाया गया है अब वह लोग सराहना की भूमि को छोड़कर राजस्व ग्राम पलटा की संरक्षित भूमि पर तिरपाल छत पर रख कर फिर निवास करने लगे हैं। इस संबंध में जब हल्का लेखपाल प्रिया वर्मा से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि कुछ लोग दो माह पहले आए थे कुछ लोग बहुत साल पहले आए थे रह रहे हैं तो उसमें हम क्या करें। परंतु चौंकाने वाली बात यह है कि देवा कोतवाली के हल्का नंबर 4 में क्षेत्र आता है इस क्षेत्र में तैनात उपनिरीक्षक और देवा कोतवाली पुलिस के द्वारा यहां पर निवास कर रहे लोगों का किसी भी प्रकार की जांच पड़ताल नहीं की जाती है कि कहां से आए है। जहां से आए हैं वहां पर इनके पास जमीन है कि नहीं है यह किन मामलों में सम्मिलित हैं अपराधी हैं कि नहीं है।

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