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एन पी टी आई ने किया डा०अंबेडकर रत्न अवॉर्ड समारोह का शानदार आयोजन

   सत्य स्वरूप संवाददाता

   लखनऊ। न्यूज़पेपर ट्रस्ट ऑफ इंडिया(NPTI) द्वारा डॉक्टर बी० आर० अंबेडकर रत्न अवार्ड  समारोह का आयोजन उर्दू अकैडमी सभागार गोमती नगर लखनऊ में किया गया। समारोह की अध्यक्षता फखरुद्दीन अली कमेटी के चेयरमैन अतहर सगीर तूरज जैदी ने की।समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में अशोक कुमार, विशेष सचिव, विधानसभा उत्तर प्रदेश तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में वरिष्ठ लेखक सुल्तान शाकिर हाशमी, वरिष्ठ अधिवक्ता उच्च न्यायालय सलाहुद्दीन शीबू एडवोकेट, वरिष्ठ पत्रकार अब्दुल वहीद, राजेंद्र गौतम,वरिष्ठ पत्रकार जुबेर अहमद मौजूद थे। एन पी टी आई के प्रदेश अध्यक्ष वकास वारसी ने सभी अतिथियों का जोरदार स्वागत किया।कार्यक्रम का संचालक सलाउद्दीन शीबू एडवोकेट ने किया। समारोह का आगाज एनपीटीआई के राष्टीय अध्यक्ष नजम एहसान के स्वागत भाषण से हुआ। समारोह में सबसे पहले लक्ष्य की महिला कमांडर रेखा आर्य, रजनी सोलंकी, मुन्नी बौद्ध, शारदा अशोक सहित लगभग 40 महिला कमांडरों को डॉक्टर बीआर रत्न से सम्मानित किया गया। समारोह में शामिल अतिथियों में अशोक कुमार, सुल्तान शाकिर हाशमी, अब्दुल वहीद, सलाहुद्दीन सीबू, जुबेर अहमद, आरिफ मुकीम, तनवीर सिद्दीकी,कुदरत उल्ला, राजेंद्र गौतम,शाहिद सिद्दीकी, सीमाब नकवी,डी पी शुक्ला,शहजादे कलीम, सीरी,नावेद शिकोह, हुमायूं चौधरी,इस्लाम खान, फैसल मुजीब, मो. सिद्दिक, हेमंत कृष्ण, मिश्बाहुदीन अंसारी,अनवर आलम,मुस्ताक बेग,सबीहुल हसन,इमरान कुरैशी,अरुण श्रीवास्तव,फिरोज खान, अवधेश सोनकर, अमरजीत कुरील कुरैशी, मो जीशान आदि को भी अंबेडकर मिशन में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए अंबेडकर रत्न अवॉर्ड से नवाजा गया।इस अवसर पर मुख्य अतिथि अशोक कुमार ने कहा कि मेरे जीवन के सप्ताह का पहला दिन रविवार डॉ आंबेडकर के मिशन के लिए समर्पित है।उन्होंने अनुसूचित जाति के लोगों को दलित शब्द से संबोधित किए जाने की संवैधानिकता पर भी सवाल उठाया।विशिष्ट अतिथि सलाहुद्दीन शीबू ने कहा कि डॉ आंबेडकर किसी समाज की तरक्की को उस समाज की महिलाओं की तरक्की से देखते थे। डॉक्टर अंबेडकर ने मनुस्मृति सिर्फ इसलिए नहीं जलाई थी कि वह अनुसूचित जाति विरोधी थी बल्कि महिला विरोधी भी थी डॉक्टर अंबेडकर ने संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 में महिलाओं को समान अधिकार दिए एवं समान मताधिकार भी दिया। सुल्तान शाकिर हाशमी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मुसलमानों में बहुत निम्न स्तर पर कुछ फिरकेवाराना मसले पर मतभेद जरूर हैं लेकिन कॉमन मुद्दों पर सभी मुसलमान एक हैं और अनुसूचित जाति के लोगों के साथ मिलकर बाबा साहब के मिशन को पूरा करने में बढ़-चढ़कर सहयोग करते रहेंगे।इस अवसर पर अब्दुल वहीद ने कहा कि इस तरह के आयोजन से समाज में सराहनीय सेवा करते रहे लोगों विशेषकर महिलाओं को बल मिलता है।इसलिए ज्यादा से ज्यादा इस तरह के कार्यक्रम होना चाहिए और विशेषकर अनुसूचित जाति की वो महिलाऐ जो डॉ आंबेडकर के मिशन को पूरा करने में तन मन धन से सहयोग कर रही हैं उनका उत्साहवर्धन होना चाहिए।

अंत में तूरज जैदी ने सभी अतिथियों का शुक्रिया अदा करने के साथ कहा कि हमें धर्म जाति क्षेत्र की भावनाओं से उठकर हिंदुस्तान और हिंदुस्तान में रहने वाले सभी लोगों की तरक्की के लिए काम करना होगा यही डॉक्टर अंबेडकर को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

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