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कानपुर : सत्य को दबाने के लिए फिर हुए पत्रकारों पर फर्जी मुकदमे

  अनवर अशरफ

कानपुर। एक बार कानपुर फिर सुर्खियों में है गत दिनों एक पत्रकार को निर्वस्त्र कर वीडियो वायरल करने वाली पुलिस पर फिर सवाल उठने लगे इस बार खबर चलाने से बौखलाए हरबंस मोहाल थाने ने दो ऐसे कर्मठ पत्रकारों पर मुकदमे कायम किए है जिन्होंने गत दिनों सनसनीखेज खबरों से हरबंस मोहाल थाने के नाक में दम कर दिया था।  

सूत्रों से प्राप्त जानकारी व दोनो पत्रकारों के कथनानुसार उन्होंने गत दिनों एक खबर जो 45दिन की बच्ची के गायब होने से जुड़ी थी जिसकी प्राथमिकी भी दर्ज हुई थी इस खबर के चलाने के बाद से थाना हरबंस मोहाल दोनो पत्रकारों से खफा थी और बदले की भावना के चलते अब थाने ने दोनो पत्रकारों पर गंभीर आरोप लगाते हुए मुकदमे कायम कर दिए जब दोनो पत्रकारों को इसकी जानकारी हुई तो दोनो पत्रकारों ने कानपुर के आलाधिकारियों से न्याय की अपील की व अपने पत्रकार संगठन से मदद की गुहार लगाई साथ ही कहा यदि पुलिस इस तरह पत्रकारों को प्रताड़ित करेगी तो एक दिन हिंदुस्तान में सत्य केवल किताबो में दबके रह जाएगा और पुलिस के कुछ कर्मचारी अपने निजी स्वार्थ की पूर्ति के लिए पूरे सम्मानित पुलिस महकमे को कलंकित करने का कार्य करते रहेंगे।आज देश के विभिन्न प्रांतों से पत्रकारों पर हो रही अनुचित कार्यवाहियों की खबरे लगातार आ रही है जो देश के चौथे स्तंभ के हनन की व्याधि बनी हुई है पत्रकारों पर हो रही ऐसी अनुचित कार्यवाहियों की वजह से ही देश में क्राइम और बढ़ता जा रहा है व अपने कार्य के प्रति लापरवाह पुलिस कर्मी अपने ही महकमे को कलाकंकित कर रहे है।

आज पत्रकारों के कई संगठन देश की सरकारों से केवल यही मांग कर रहे हैं के सत्य को दबाने वाले ऐसे तत्वों पर कार्यवाही आखिर कब कब देश में पत्रकार सुरक्षा कानून बनेगा आखिर कब कलम को सम्मान मिलेगा आखिर कब देश के चौथे स्तंभ को मजबूत करने का कानून लागू किया जाएगा?

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