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ज्ञानवापी पर बयान बाज़ी से बचें मुस्लिम संस्थाएं,सरकार साम्प्रदायिक तत्वों पर लगाम लगाए : मौलाना कआब

   मोहम्मद सैफ साबरी

  राजधानी लखनऊ के पुराने शहर अशरफाबाद स्थित बर्फ खाने में मुस्लिम स्कॉलर मौलाना कआब रशीदी ने अल्पसंख्यकों एवं अल्पसंख्यकों के धार्मिक स्थलों पर लगातार हो रहे प्रहारों पर चिंता जताते हुए सरकार से साम्प्रदायिक तत्वों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की, वहीँ ज्ञानवापी जैसे ज्वलंत मुद्दे पर मुस्लिम संस्थाओं से किसी भी तरह की बयान बाज़ी करने से परहेज़ करने को कहा! मालूम हो यह बात मौलाना कआब रशीदी ने आज यहां पुराने लखनऊ के अशरफ़ाबाद पूर्व कांग्रेस विधयक स्वर्गीय रफ़ी सिद्दीक़ी के आवास पर एक पत्रकार वारता में कहीं, उन्होंने ज्ञानवापी मामले पर कहा लगातार मुस्लिमों के धर्मस्थलों को चिन्हित कर निशाना बनाया जा रहा है। 

   इस देश में आज़ादी के बाद सबको अपने धर्म के हिसाब से जीने का अख्तियार दीया गया है। लेकिन संयोग नहीं प्रयोग की नीति अपनाई जा रही है। हम कानूनी लड़ाई लड़ेंगे अगर आंदोलन की ज़रूरत पड़ी तो आंदोलन भी करेंगे। इसके साथ ही 1991 के कानून का भी हवाला देते हुए गौर करने को कहा वही बुल्डोजर कार्यवाही पर कआब रशीदी ने कहा जनहंगीर पूरी का मामला हो या मध्यप्रदेश का बिना किसी कानूनी कार्यवाही के घरों को गिरा दिया गया। वहीं मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का समर्थन भी किया। उन्होंने कहा चाहे महात्मा गांधी हो या मौलाना हसरत मोहानी या भीमराव अंबेडकर, सब ने देश को जोड़ने की बात की है। भारत देश एकता का प्रतीक है। जो संविधान से चलता है। लेकिन आज के समय में कुछ अराजक तत्व देश में हिंसा और नफरत फैलाने को काम कर रहे हैं। भारत की एकता को तोड़ने का काम कर रहे हैं। इस मौके पर मौलाना कआब रशीदी एवं अधिवक्ता समाज के मोहम्मद सआद सिद्दीकी, रेहान अहमद, यूसुफ खान, फैसल खान, आदि मौजूद रहे।

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