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दारुल उलूम देवबंद परीक्षाओं का रिजल्ट घोषित, मो फैज़ ने जिले का नाम किया रोशन

   सीतापुर/सहारनपुर। जिले में स्थित दारुल उलूम देवबंद में बुधवार को परीक्षाओं का रिजल्ट घोषित किया गया जिसमे पूरे भारत के 2300 विधार्थियों ने भाग लिया था लेकिन सिर्फ 700 ही विधार्थियों का नाम आया। क्यूंकि इस बार एडमिशन लेने के नियम काफी कड़े कर दिए गए थे। अब वहां एडमिशन लेने से पहले कैंडिडेट्स के लिए पुलिस वैरीफिकेशन कराना अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही साथ एडमिशन के समय अपना आधार कार्ड और अपने पिता का आधार कार्ड वा पिछले मदरसे से मिले सर्टिफिकेट्स एवं अपना और अपने पिता के मोबाइल नंबर जैसे बहुत से डिटेल्स देने होंगे सभी स्तरों पर संतुष्ट होने के बाद ही उन्हें एडमिशन दिया जाना था। 

सीतापुर के हाफिज मोहम्मद फैज़ ने एडमिशन पाकर रोशन किया जिले का नाम

   24 मई बुधवार को देर रात रिजल्ट घोषित किया गया जिसमें उत्तर प्रदेश के सीतापुर के रहने वाले हाफिज मोहम्मद फैज़ ने अपने शहर सीतापुर का नाम रोशन किया।  700 विधार्थियों में एक गिनती हाफिज मोहम्मद फैज़ की है।  मदरसे में नाम आते ही लोगो में खुशियों की लहर दौडी। सीतापुर के रहने वाले उनके साथी बहुत खुश है। उनके परिवार वालो ने दुआ की और खुशी भी जाहिर की साथ ही साथ जिन विधार्थियों का नाम आया उन विधार्थियों को स्कूल स्टॉफ की ओर से बधाई भी दी गई और माला पहना कर खुशी जाहिर की। भारत की सूची में हाफिज मोहम्मद फैज़ ने नाम हासिल किया फैज़ शुरुआत से ही पढ़ाई में अव्वल रहे हैं। पढ़ाई के अलावा खेलकूद में भी उनका विशेष रूचि रही है। फैज़ ने बताया उनके अपने दादा दादी के प्रति विशेष लगाव था। दादा और दादी की इच्छा थी कि वह पढ़ लिख कर हाफिज मौलाना बने।

   हाफिज फैज़ ने कहा दादा दादी की इच्छाओं को पूरा करना ही मेरा मुख्य उद्देश्य है इसकी तैयारी हमने कब की शुरू कर दी थी। फैज़ ने बताया हम रोजाना 10 से 12 घंटे पढ़ाई करते है रोजाना स्टडी के लिए एक टाइम टेबल बना रखा है उसी आधार पर प्रतिदिन पढ़ाई करते है इसके लिए प्रतिदिन सुबह 5 बजे उठते है। दादा दादी का ख्वाब पूरा हुआ आज हमें बेहद खुशी हुई।

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