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बाराबंकी : इस कॉलेज में हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। महाराणा प्रताप 482वीं जयंती

  सगीर अमान उल्लाह

  बाराबंकी। महाराणा प्रताप इन्टर कॉलेज बरेठी में राष्ट्रनायक, शूरवीर महाराणा प्रताप सिंह शिशोदिया की 482 वीं जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई।कार्यक्रम के मुख्यातिथि  विपुल सिंह डायरेक्टर रिलाइट ग्रुप व विशिष्ट अतिथि अशोक कुमार त्रिपाठी प्रधानाचार्य किसान उच्चतर माध्यमिक विद्यालय इस्माइलपुर देवा,सामाजिक कार्यकर्ता  श्रीमती सन्तोष श्रीवास्तव,स्मृता सिंह प्रधानाचार्य ऑक्सफ़ोर्ड स्कूल देवा  ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रियाज़ भट्ट  आदि  ने महाराणा प्रताप सिंह सिसोदिया की प्रतिमा पर माल्यार्पण व  दीप प्रज्वलित करके  कार्यक्रम का शुभारंभ किया, इस मौके पर मुख्य अतिथि ने  कहा कि महाराणा प्रताप देश के सर्वप्रथम स्वतंत्रता सेनानी  रहे जिनकी  वीरता विश्व विख्यात है।इन्होंने मातृभूमि की रक्षा,स्वतंत्रता व आन बान शान  के लिए मुग़ल बादशाह अकबर से जीवन की अंतिम सांस तक युद्ध करते हुए जंगलों में घास की रोटियां खाना स्वीकार किया परन्तुअकबर के साथ रोटी बेटी का सम्बंध बनाना स्वीकार नही किया। इसलिए उनकी वीरता,  स्वाभिमान की गाथा अमर है जो वर्तमान समय में भी करोड़ों नागरिकों के लिए प्रेरणा  स्त्रोत हैं। वहीं विशिष्ट अतिथि श्रीमती सन्तोष श्रीवास्तव ने बच्चों को सम्बोधित करते हुए कहा कि महाराणा प्रताप का कद साढ़े सात फुट एंव उनका वजन 110 किलोग्राम था,उनका सुरक्षा कवच का वजन 72 किलोग्राम और भाले का वजन 80 किलो था।  जिससे वह युद्ध में विरोधियों के छक्के छुड़ा देते थे।उनके हथियार व अन्य सामग्रियां उदयपुर राजघराने के संग्रहालय में सुरक्षित है| कार्यक्रम में मधु कश्यप, ममता वर्मा,आराधना  यादव,अंकिता यादव,आदर्श वर्मा,विपिन यादव,आनंद गौतम ,आदित्य यादव दिलीप यादव,डॉ यमुना प्रसाद आदि ने श्रद्धा सुमन अर्पित किए। अंत मे  विद्यालय प्रबन्धक योगेंद्र बहादुर सिंह विसेन ने सभी आगन्तुकों का हृदय से आभार व्यक्त किया।

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