Subscribe Us

क्या 2024 में ब्राह्मण कार्ड खेलेगी कांग्रेस? जानिए आगामी लोकसभा चुनाव में क्या रहेगी कांग्रेस की रणनीति

2024 की तैयारियों के साथ एक मज़बूत विकल्प के रूप में उतरेगी कांग्रेस

जावेद शाकिब

दिल्ली/लखनऊ। देश की सियासत इस मोड़ पर पहुंच चुकी है जहां सेकुलरिज्म नाम की अब ud चुकी है। मौजूदा माहौल को देखते हुए इस सेकुलरिज्म के सहारे कोई भी पार्टी अपनी रणनीति नहीं तैयार करना चाहेगी। कांग्रेस जिस दौर से गुजर रही है उसे भी अब 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए दक्षिणपंथी सोच के सहारे ही अपनी रणनीति तैयार करनी पड़ेगी। फिलहाल अपनी खोई हुई साख को फिर से पाने के लिए कांग्रेस पुरजोर कोशिशों में लगी हुई है।

   इसी के चलते आज बसपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे नकुल दुबे को दिल्ली में कांग्रेस में शामिल कराया गया। नकुल दुबे यूपी की सियासत में ब्राह्मण चेहरे के तौर पर जाने जाते हैं, जिसके सहारे बसपा सुप्रीमो मायावती ने 2007 में ब्राह्मण- दलित गठजोड़ के चलते सत्ता में काबिज हुई थीं। पेशे से अधिवक्ता नकुल दुबे की उत्तरप्रदेश के प्रबुद्ध जनों के बीच गहरी पैठ है। 

पार्टी के सूत्रों के मुताबिक़ कुछ दिनों पहले नकुल दुबे ने कांग्रेस महासचिव श्रीमती प्रियंका गांधी से दिल्ली में मुलाक़ात की थी। कांग्रेस महासचिव श्रीमती प्रियंका गांधी से मुलाक़ात के बाद आज नकुल दुबे ने कांग्रेस का हाथ थाम लिया। उत्तर प्रदेश में ब्राह्मणों के प्रमुख चेहरे के तौर पर जाने जाने वाले नकुल दुबे ने भाईचारा कमेटियों का संयोजन कर मायावती को सत्ता दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी।

प्रदेश के कई बड़े नेता, मशहूर हस्तियाँ जल्द थामेंगे कांग्रेस का हाथ

नकुल दुबे के बाद बहुत जल्द यूपी की सियासत के कई अहम नाम कांग्रेस का दामन थामने जा रहे हैं। सूत्रों के हवाले से खबर यह भी है कि सपा और बसपा के कई बड़े नेता जल्द ही कांग्रेस के झंडे के नीचे नज़र आएंगे। सियासी गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा की सीधी टक्कर अब कांग्रेस से है इसलिए कई दिग्गज अब हाथ का साथ थामने के लिए तैयार हैं।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ