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राजनीति के जरिए सांप्रदायिक जहर घोलने से देश दुनिया में बदनाम हो रहा है : डॉ. अब्बासी

   शेरकोट। देश में जगह जगह सांप्रदायिक जहर घोलने से अमन पसंद भाईचारा बुद्धिजीवी वर्ग के लोगों को चिंता सता रही है के ऐसी गंदी राजनीति से क्या फायदा जिसमें देश का संविधान ही अनेक रूपों मैं मिटाया जा रहा हूं जलाया जा रहा हूं हमारे अपने देशवासी आपस में ही लड मर रहे हो खुलेआम आगजनी तलवार और हथियार लहराते हुए झुंड के रूप में दहशत का माहौल बना रहे हो और एक जाति विशेष को अल्पसंख्यकों दलितों मजलूम मजबूर को निशाना बनाया जा रहा हो जिससे दुनिया भर में अपने देश की इंसानों के साथ क्रूरता से हमें नीच समझें हमें जालिम कहें हमें अपमानित करें हम संविधान के खिलाफ चलकर अपने देश की मान मर्यादा के लिए स्वयं शर्मनाक काम कर रहे हैं l

जिला बिजनौर के दानिशमंद डॉक्टर फसील्लाह अब्बासी कासमी ने कहा कि हमारे देश का संविधान विश्व में एक विशेष मुकाम रखता है। भारत का संविधान समाजवादी निष्पक्ष लोकतांत्रिक की मजबूत विचारधाराओं पर आधारित है। संविधान की प्रस्तावना मैं तमाम देशवासियों की रूह है। जिसमें नागरिकों को समानता। आजादी और भाईचारा के कयाम की जमानत दी गई है। स्पष्ट लिखा गया है कि नागरिकों को सामाजिक आर्थिक और राजनीतिक रूप से इंसाफ मिलेगा आजादी में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता होगी (पंथ और धर्म और इबादत) के हिसाब से आजादी होगी प्रतिष्ठा अफसर में क्षमता होगी भाईचारे को बढ़ावा दिया जाएगा व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र एकता अखंडता सुनिश्चित करने वाली बुद्धिता।बढ़ाने के लिए दृष्टि संकल्प लिया गया है। संविधान पर अमल करना ही समानता भाईचारा इबादत अखंडता।खुशहाली की जमानत है। किंतु गुजरे 8 सालों में संविधान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।मानव अधिकार इंसाफ मसावत बराबरी आजादी की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। वह किसी से पोशीदा नहीं है। कहीं खाने के नाम पर कहीं लव जिहाद के नाम पर एक विशेष संप्रदायिक को टारगेट किया जा रहा है। गलत नारे वह गलत अपशब्द खौफ और दहशत मै मुबतला करने की कोशिश की जा रही है। उन पर अर्स ए हयात  तंग करने की कोशिश की जा रही है। वह किसी भी सूरत में देश हित में नहीं है।

         डॉक्टर अब्बासी ने आगे कहा सांप्रदायिकता तंग भेदभाव पहले भी था किंतु इन 8 वर्षों में इस माहौल में उबाल आ गया है। इस बार रामनवमी और हनुमान जयंती के शुभ अवसर पर तो देशभर में इंतिहा कर दी रमजान मुबारक के पवित्र महीने में भूखे प्यासे रहते बेकसूर मुसलमानों को तलवारे बंदूक और असलहो से खौफ जदा कर उन पर हमला किया गया। दिल्ली मैं भी जहांगीराबाद में शोभा यात्रा निकालने वालों के पास नंगी तलवारें होती है l प्रशासन मूर्ख दर्शक बना रहता है फिर बाद में समुदाय विशेष पर संप्रदायिक बुलडोजर कार्यवाही हो जाती है मस्जिद के बाहरी हिस्से को अतिक्रमण कहकर तोड़ दिया जाता है। उसी के बराबर वाले मंदिर को सुरक्षित रखा जाता है। देश के प्रधानमंत्री इन सारे मामलों पर खामोश हैं। तो विश्व में इसकी निंदा तो होगी ही l  संकुचित सोच रखने वाले निजी स्वार्थ के खातिर झूठे राष्ट्रवाद और देश की आड़ में भोली भाली आवाम को जहनों को धूमिल कर देश को नफरत की आग में धकेल रहे हैं। देश में अमन शांति को खत्म करते हुए विकास दर ध्वस्त हो रही है और  देश में नफरत की आग फैलती जा रही है l

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