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कन्या को पढाओ - मां दुर्गा को मनाओ...सब इंस्पेक्टर अनूप मिश्रा : रीना पाण्डेय

नवरात्रि में पुलिस दम्पति अनूप मिश्रा अपूर्व और रीना पाण्डेय की अनूठी पहल 09 गरीब कन्याओं को किया शैक्षिक अंगीकार 

 लखनऊ।  लक्ष्मी-सरस्वती हैं चाह सभी की , फिर क्यों दुआ कहीं ना इक बेटी की ? कन्या के जन्म से लेकर उसकी शिक्षा दीक्षा के प्रति जनमानस में जागरूकता लाने के उद्देश्य से पुलिस दम्पति सब इंस्पेक्टर अनूप मिश्रा अपूर्व और सब इंस्पेक्टर रीना पाण्डेय मिश्रा द्वारा आज कन्या पूजन करने के बाद  कन्या को सिर्फ पूजो ही नहीं उसे पढा लिखाकर आगे बढ़ाओ का संदेश देते हुए कन्या को पढ़ाओ माँ दुर्गा को मनाओ अभियान की शुरुआत की गई ताकि देश प्रदेश की हर बच्ची को पढ़ लिखकर जीवन में आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त हो सके । राजधानी लखनऊ में तैनात सब इंस्पेक्टर अनूप मिश्रा अपूर्व और रीना पाण्डेय ने सरोजनी नगर क्षेत्र में ओशो नगर , ट्रांसपोर्ट नगर , हिन्द नगर आदि कच्ची बस्तियों में जाकर 100 से अधिक कन्याओं को स्कूल किट बैग , वाटर बोटल आदि भेंट किया । पूजन में शामिल कन्याओं को पुलिस दम्पति ने स्नेह पूर्वक भोग करवाने के बाद शैक्षिक सामग्री , फल और वस्त्र भेंट करके उन्हें विदा किया गया । आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की 09 कन्याओं को उनकी आगे की शिक्षा दीक्षा में सहयोग देने के लिये शैक्षिक अंगीकार किया गया। पुलिस दम्पति की यह पहल लोगों के लिये नजीर है ।अनूप मिश्रा अपूर्व और रीना पाण्डेय ने कहा कि चुनौतियों से ही हमारी शक्ति की परख होती है, लेकिन हम संकटों में आत्मबल खोकर शक्तिहीन न हो जाएं, इसलिए नवरात्र के नौ दिन हम शक्तिस्वरूपा माँ दुर्गा की आराधना करते हैं।

   हम शक्तिशाली बनकर  गरीब और कमजोर वर्ग की लड़कियों को शैक्षिक अंगीकार करके पढा - लिखा कर उनके पैरों पर खड़ा कर सकते हैं।

मात्र एक दिन कन्या-पूजन कर इस पर्व की इतिश्री कर लेने की अपेक्षा हम यह संकल्प लें कि हम सदैव नारी शक्ति को सम्मान की दृष्टि प्रदान करेंगे। कमज़ोर वर्ग की कन्याओं का संबल बनेंगे। ये संकल्प तभी फलीभूत होंगे, जब हम स्वयं आत्मशक्ति से ओत-प्रोत होंगे। आइए, मां दुर्गा से प्रार्थना करें कि संकटों में भी हमारा आत्मबल बना रहे और हम अपनी शक्ति को कभी क्षीण न पड़ने दें, ताकि हम अपनी शक्ति का देशऔर समाज के हित में उपयोग कर सकें। नवरात्रि के शुभ अवसर  पुलिस दम्पति द्वारा शुरू किये गए अभियान का उद्देश्य गरीब घरों की जो बच्चियां पढ़ने की बजाय दुसरे घरों में झाड़ू पोछा करती हैं, बर्तन मांजती है या कोई और काम करती हैं उन्हें एक स्कूल किट बैग ( जिसमे स्टेशनरी , पेंसिल बॉक्स  , टिफ़िन बॉक्स, वाटर बोटल और कलर्स आदि ) देकर उन्हें पढ़ने के लिए प्रेरित किया जायेगा।

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