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बाराबंकी में बड़ी धूमधाम से मनाया जाएगा बेसाखी का पर्व

    सगीर अमान उल्लाह

बाराबंकी। आज के दिन श्री गुरु गोविन्द सिंह महाराज जी द्वारा संगत से उनके शीश की माँग की गई तब संगत में से पाँच सिखों द्वारा गुरु के चरणों मे अपने शीश भेंट किये उन्हें अमृत छका कर सिंह सजा कर खालसा का रूप दिया। सिख धर्म की साजना की और बाद मे उन्हीं पाँच प्यारों द्वारा खुद अमृतपान सिंह सजे और तभी से ये बात प्रचलित है की आपे गुरु आपे ही चेला उसी पर्व को आज सिख समाज खालसा साजना के रूप मनाता है उसी उपलक्ष मे गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा लाजपतनगर मे भव्य रूप से पर्व को मनाया गया जिसने गुरुद्वारे मे पहले दीवान मे सुखमनी साहब का पाठ नितनेम साहब जी का पाठ उसके उपरांत हुजूरी रागी जत्था सरदार भाई तीरथ सिंह  द्वारा कीर्तन किया गया उसके उपरांत दूसरे दीवान मे दिल्ली से आए रागी जत्था जगजीत सिंह बबिहा ने अपने रस मयी कीर्तन से संगत का मन मोह लिया आनन्द साहब के पाठ के उपरांत छोटे बच्चों द्वारा एक साल मे गुरु ग्रन्थ साहब जी का पाठ सम्पूर्ण किया था उन्हें पुरुस्कार वितरित कर अरदास करके समाप्ति की गई उसके उपरांत गुरु का लंगर वितरित किया गया जिसे सभी धर्मो के लोगों ने एक साथ एक पंगत मे बैट कर छका।

गुरुद्वारा में राज्य मंत्री सतीश शर्मा ने माथा ठेका संरक्षक सरदार रतन सिंह,प्रधान सरदार भूपेन्द्र सिंह,सेवादार सरदार चरनजीत सिंह, सरदार राजदीप सिंह,सरदार हरपाल सिंह,सरदार रविन्द्र पाल सिंह अधिवक्ता, चरनजीत गाबा, सरदार तेजपाल सिंह,सरदार मोहन सिंह सतनाम सिंह, हरप्रीत सिंह,परमजीत सिंह,प्रेमपाल सिंह पल्ले,करमजीत सिंह,विनोद गाबा,रविनन खजांची,संदीप बाथम, मनमीत सिंह सोनू आदि लोग उपस्थित थे

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