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बाराबंकी से मेरा आत्मिक लगाव : सुप्रिया श्रीनेत

   सत्य स्वरूप संवाददाता

  बाराबंकी। महात्मा गांधी भारत की आत्मा में बसते है जब गांधी के बारे में कोई व्यक्ति अनुचित प्रतिक्रिया करता है तो बहुत क्रोधित हो जाती हूं। आजकल महात्मा गांधी को अपशब्द कहने का चलन शुरू हो गया है। ऐसे लोगों से डरना नहीं चाहिए, बल्कि उनका डटकर मुकाबला करना चाहिए। उक्त बातें समाजवादी आंदोलन के साथी रहे पूर्व सांसद हर्षवर्धन सिंह की पुत्री सुप्रिया श्रीनेत ने कही। उन्होंने कहा कि बाराबंकी से मेरा आत्मिक लगाव रहा है। मेरे पिता स्व हर्षवर्धन जी हमेशा बाराबंकी के सामाजिक एवं राजनीतिक मुद्दों की लड़ाई लड़ते रहे। वह कांग्रेस में रहते हुए भी वैचारिक रूप से समाजवादी रहे है उनकी कई स्मृतियां बाराबंकी से जुड़ी है मंगलवार को वरिष्ठ पत्रकार एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत एक निजी कार्यक्रम में गांधीवादी राजनाथ शर्मा के घर बेलहरा हाउस और गांधी भवन आई। उन्होंने गांधी भवन में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान तेजस्वी शर्मा, अदिति शर्मा एवं आद्या शर्मा ने सुप्रिया श्रीनेत को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया।

    कांग्रेस नेत्री सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि गांधी जी का नाम लेना आसान है लेकिन उनके रास्ते पर चलना आसान नहीं है भारत और गांधी जी एक दूसरे के पर्याय हैं। यह अलग बात है कि आज कल कुछ लोगों ने इसे उल्टा करने की ज़िद पकड़ ली है। वे यह नहीं चाहते हैं कि गांधी जी भारत के प्रतीक बने रहे।

   इस मौके पर पर्यावरणविद हाजी सलाहउद्दीन किदवई, विजय प्रताप सिंह, मृत्युंजय शर्मा, मनीष सिंह, सत्यवान वर्मा,  पाटेश्वरी प्रसाद, रंजय शर्मा, अशोक जायसवाल, पी.के सिंह सहित कई लोग मौजूद रहे।

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