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तुम डाल डाल हम पात पात, कैसे रुके अपराध क्योंकि अपराधी हर वक्त लगाए बैठे घात

उत्तरी ज़ोन के जानकीपुरम थाना क्षेत्र में बढ़ता अपराध का ग्राफ, पूरे ज़ोन को न कर दे दूषित

सत्य स्वरूप संवाददाता

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में जैसे कि अपराधियो ने एक कहावत के अनुसार ठान लिया है कि तुम डाल डाल तो हम पात पात। ऐसा इसलिए कहना बिल्कुल गलत नही होगा क्योंकि कमिश्नरेट पुलिस के उत्तरी ज़ोन के जानकीपुरम थाना क्षेत्र तो यही बयां करता है। आये दिन थाना क्षेत्र में बढ़ती घटनाओं पर लगाम लगाना तो अलग हो चुकी वारदातों में ही पुलिस की नाकामी सब कुछ दर्शा देती है और नतीजन आये दिन जानकीपुरम क्षेत्र में लूट चोरी और टप्पेबाजी की घटनाएं सामने आती रहती हैं। ताजा मामला जानकीपुरम थाना क्षेत्र के इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहे पर स्थित विद्युत उपकेंद्र से है। यहाँ बेखौफ चोरों ने मंगलवार रात के बाद पॉवर हाउस में घुसकर लगभग चालीस हजार की नगदी पार कर दी और रफूचक्कर हो गए। सुबह पावर हाउस पहुँचे कर्मचारियों को जानकारी हुई तो सुपरवाइजर रमेश ने अधिकारियों व पुलिस महकमे को सूचना दी। इंसेक्टर जानकीपुरम कुलदीप सिंह गौर ने बताया कि बुधवार सुबह विद्युत उपकेंद्र से जानकारी मिली थी कि पॉवर हाउस व सरकार के अधीन एक एजेंसी जो  पेमेंट वसूलने का काम करती है उसके सुपरवाइजर ने जानकारी दी कि कलेक्ट हुए पेमेंट से कुछ रकम बच गई थी जो कि ड्रायर में रखी थी और अक्सर कलेक्शन में बचा कुछ पैसा वहीं रखा जाता था, लेकिन बुधवार सुबह वह जब  अपनी डेस्क पर पहुँचे तो उनके होश उड़ गए। ड्रॉर में रखे 39982 रुपये गायब थे। बकौल पुलिस मामला दर्ज कर चोरों की तलाश के लिए हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं।

चलती फिरती सड़क, चौबीस घंटे पुलिस... वाह रे लखनऊ के चोर

विदित हो कि जिस इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहे पर स्थित विद्युत विद्युत उपकेन्द्र में चोरी हुई वह जानकीपुरम व मड़ियांव जैसे थानों का केंद्र है और सीमाओं को जोड़ता है। यही नही आसपास के उत्तरी ज़ोन के अलीगंज, विकासनगर और गुडंबा थाने भी यहाँ से सटे कहे जा सकते है। उधर राष्ट्रीय राजमार्ग होने के चलते चौबीस घंटे चौराहे पर हलचल रहती है और तमाम ठेले कुमचे वाले मौजूद रहते हैं। इसके अलावा मोबाइल ड्यूटी हो या पीआरवी या गश्त पर आई पुलिस, कोई न कोई अक्सर चौराहे पर मौजूद रहता है। बावजूद इसके पावर हाउस से चोरों द्वारा नगदी चुरा ले जाना बड़े सवाल करता है। एसडीओ इंजीनियरिंग कॉलेज विद्युत उपकेन्द्र अनिल कुमार वर्मा उर्फ एके वर्मा ने कहा कि एक निजी कंपनी द्वारा कलेक्शन होता है जिसका कुछ बचा पैसा अक्सर ही कर्मचारी ड्रॉर में रख देते हैं। अनिल ने कहा कि स्थानीय पुलिस की मौजूदगी में इस तरह की वारदात होना यकीनन अपराधियो के हौसलों को बढ़ावा देती है।

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