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राजनीतिक दल निभाए जिम्मेदरी, तभी जनता से दूर होगी बीमारी


इंस्टीट्यूट आफ प्रोफेशनल स्टडीज की ओर से किया गया गूगल सर्वे

सत्य स्वरूप संवाददाता

लखनऊ : चुनाव आयोग की ओर टकटकी लगाए राजनेता जहां एक ओर चुनाव में जाने काे बेताब हैं वहीं उच्च न्यायालय के चुनाव टालने के सुझाव के बाद अब जनता भी ओमीक्रोन के साथ तीसरी लहर के आने की संभावना को लेकर दहशत में है।  इंस्टीट्यूट आफ प्रोफेशनल स्टडीज और लखनऊ के युवा महोत्सव संयोजक मयंक रंजन की ओर से किए गए गूगल सर्वे में लोगों ने बेबाक तरीके से अपनी राय रखी। हर आयु वर्ग के लोगों को इस सर्वे का हिस्सा बनाया गया। सर्वे में कुल 293 लोगों ने हिस्सा लिया और उन्होंने उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों में होने वाले चुनावों को कोरोना संक्रमण के चलते टालने की बात कही। सर्वे में 60.89 प्रतिशत पुरुषों और 39.2 प्रतिशत महिलाओं ने हिस्सा लिया। 83 प्रतिशत ने चुनाव को टालने की राय दी है तो 17 फीसद ने चुनाव कराने के लिए कहा है। उच्च न्यायालय के चुनाव टालने की राय के बाद जनता 64.6 प्रतिशत ने चुनाव टालने 34.4 प्रतिशत सुरक्षा के साथ चुनाव कराने की बात कही है। शेष कुछ भी बोलने से बचते रहे। चुनाव प्रचार को लेकर लोगों ने दी राय, बीते पंचायत चुनाव और पश्चिम बंगाल के चुनाव में फैले संक्रमण को देखते हुए मतदाताओं ने वर्चुअल चुनाव  प्रचार करने और सुरक्षा के साथ प्रचार की बात कही है। 32 प्रतिशत मतदाताओं ने वर्चुअल प्रचार करने और मास्क और उचित दूरी के साथ प्रचार करने पर अपनी राय दी है। 20.7 प्रतिशत ने कोरोना के बढ़ते कहर को देखते हुए सभी तरह के आयोजन पर रोक लगाने की बात कही है। 34 प्रतिशत ने चुनाव प्रचार पर पूर्ण पाबंदी लगाने की राय दी है। 10.5 प्रतिशत ने जानकारी के अभाव में कोई राय नहीं दी।

66.3 प्रतिशत ने माना बूस्टर डोज जरूरी। सर्वे के दौरान बूस्टर डोज को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में 66.3 प्रतिशत ने माना बूस्टर �ये बनाये हैं अभी  10.5 प्रतिशत ने जानकारी के अभाव में कोई राय नहीं दी।

66.3 प्रतिशत ने माना बूस्टर डोज जरूरी। सर्वे के दौरान बूस्टर डोज को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में 66.3 प्रतिशत ने माना बूस्टर डोज लेना जरूरी है। 8.5 प्रतिशत ने नहीं लेने की बात कही तो 19.7 प्रतिशत ने निश्शुल्क होने पर लेने की बात कही है। कुछ लोगों ने भुगतान के साथ और कुछ लोगाें ने जानकारी के अभाव होने की बात कही है।

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