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तो क्या विधानसभा चुनावों में नकली नोट खपाने की फिराक में था तस्करी गिरोह, तीसरे साथी तक कैसे पहुँचेगी पुलिस

सोमवार की रात मुठभेड़ में गुडंबा पुलिस ने किया था इनामिया समेत गिरोह के दो सदस्यों को मुठभेड़ में गिरफ्तार करने का दावा

अपराध संवाददाता

लखनऊ। उत्तरी जोन के गुडंबा थाना क्षेत्र में सोमवार रात मुठभेड़ में गिरफ्तार हुए दो शातिर अपराधियो के मामले में अब गिरफ्तारियों के बाद तमाम सवाल खड़े हो गए हैं। सवाल भी ऐसा जिसका फिलहाल लखनऊ पुलिस के पास खुद भी जवाब नही है। पुलिस ने स्कोर्पियो क्लब के पास मुठभेड़ में दो शातिरों को गिरफ्तार करते हुए 40 हजार की नकली करेंसी बरामद की थी। वही इन दोनों का शातिर साथी पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था। अब इन दोनों गिरफ्तारियों के बाद सवाल यह भी है कि पुलिस इस फरार शातिर तक कैसे पहुँचेगी। गिरफ्तार आरोपियों में से एक के ऊपर पहले से ही इनाम भी घोषित था। मुठभेड़ में पकड़ा गया बदमाश मंगेश उर्फ मंगेश्वर गिरी 25 हजार का इनामी बदमाश है। वहीं उसके साथ विशाल यादव को दबोचा गया है। दोनों के पास से पुलिस ने 40 हजार रुपये के नकली नोट, तमंचा व बाइक बरामद किया है।

पुलिस के पहुँचते ही तस्करों ने शुरू की थी फायरिंग

 सोमवार देर रात करीब 9.10 बजे  नवाबपुर गांव के पास तीन संदिग्ध लोगो के खड़े होने की सूचना  पर प्रभारी निरीक्षक गुडंबा सतीश चंद्र साहू के नेतृत्व में पुलिस टीम वहां पहुंची और पूछताछ शुरू की थी तभी एक बदमाश ने फायरिंग कर दी। पुलिस ने खुद को बचाते हुए जवाबी फायरिंग की। एडीसीपी उत्तरी प्राची सिंह के मुताबिक मुठभेड़ में पकड़े गये बदमाशों में शातिर लुटेरा व रंगदारी मांगने वाला देवरिया के भुजौली बुद्घ विहार निवासी 25 हजार का इनामी मंगेश उर्फ मंगेश्वर गिरी व सकरापार देवरिया का विशाल यादव शामिल है। मंगेश मूलरूप से देवरिया के रूद्रपुर स्थित मरकड़ी का रहने वाला है। वहीं दोनों का फरार साथी देवरिया का रोहित यादव है। पुलिस टीम उसकी तलाश में कुकरैल इलाके में कांबिंग कर रही है। एडीसीपी प्राची सिंह की मुताबिक फेक करेंसी की जांच के लिए बैंक से संपर्क किया गया है। एडीसीपी के मुताबिक पकड़े गये बदमाश देवरिया में मोबाइल, चेन स्नैचिंग की वारदात को अंजाम देते थे। 

चुनावो में नकली करेंसी खपाने की आशंका

पुलिस के मुताबिक  इस बात की आशंका है कि यह सभी नकली नोट तस्करी करने वाले गिरोह के सक्रिय सदस्य हैं। लखनऊ में यह गिरोह कब से सक्रिय है। इसके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। वहीं गिरोह का कनेक्शन किस देश से जुड़ा है। इसके बारे में भी पता लगाया जा रहा है। पुलिस इस बारे में भी पता लगा रही है कि कहीं यह गिरोह नकली नोटों को विधान सभा चुनाव के दौरान खपाने की कोशिश तो नहीं कर रहा था।

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