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विधानसभा चुनावों से पहले कमिश्नरेट पुलिस का अवैध असलहा तस्करों पर काउंटर अटैक

पश्चिम ज़ोन की पुलिस ने दो तस्कर किये गिरफ्तार, नाजायज तमंचे बरामद

लखनऊ के बाहर से आकर करते थे अवैध असलहों की सप्लाई

निखिल बाजपेई

लखनऊ। लखनऊ कमिश्नरेट की ठाकुरगंज पुलिस को शुक्रवार को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है । उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले पुराने लखनऊ में नाजायज असलहों की तस्करी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। ठाकुरगंज पुलिस ने अवैध असलहो का कारोबार करने वाले दो तस्करों को गिरफ्तार कर उनके पास से एक देसी रिवाल्वर और चार देसी तमंचे बरामद किए हैं। एडीसीपी पश्चिम चिरंजीवी नाथ सिन्हा ने बताया कि मुखबिर की सूचना के आधार पर ठाकुरगंज पुलिस ने गुलाला घाट मोड़ के पास से दो युवकों को गिरफ्तार कर जब उनकी तलाशी ली गई तो उनके पास से 32 बोर का एक देसी रिवाल्वर और 315 बोर के चार देसी तमंचे बरामद हुए । असलहों के साथ गिरफ्तार किए गए प्रभात पुरम रहीम नगर डूडाली फैजुल्लागंज मड़ियाव के रहने वाले कौशल किशोर सिंह और श्रीनगर कॉलोनी मड़ियांव के रहने वाले हसनैन अली उर्फ मुन्ना प्रिंस के अपराधिक इतिहास का पता लगाया जा रहा है, उन्होंने बताया कि पुलिस की कोशिश है कि अपराध की घटनाओं पर रोक लगाई जाए और अपराधिक प्रवृत्ति के लोगों पर शिकंजा कसा जाए। डीसीपी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों से अल्प समय में जो पूछताछ की गई है उसके आधार पर कुछ लोगों के नाम प्रकाश में आए हैं जिनके बारे में पता लगाया जा रहा है, और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास भी किए जा रहे हैं। हालांकि पुलिस अभी फिलहाल यह पता नहीं लगा पाई है कि अवैध असलहों की तस्करी करने वाले इन तस्करों के पास इतनी बड़ी संख्या में अवैध असलहे कहां से आए । 

तस्करों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की बढ़ी चिंता

चुनाव से पहले राजधानी लखनऊ में अवैध असलहों बड़ी खेप बरामद होना पुलिस के लिए बड़ी कामयाबी तो है ही साथ ही पुलिस के लिए यह चिंता का विषय भी है कि चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश की राजधानी में नाजायज असलहों का कारोबार किया जा रहा था । अक्सर यह देखा जाता है कि पुलिस अवैध असलहों के साथ अपराधियों को पकड़ती है और जेल भेज देती है लेकिन यह कम ही पता चल पाता है कि अवैध असलहों के साथ जो व्यक्ति पकड़ा गया उसके पास अवैध असलहा कहां से आया। यानी पुलिस अपराध को खत्म करने का प्रयास तो कर रही है लेकिन अपराध की जड़ में पहुंच कर अपराध को जड़ से नेस्तनाबूद करने के लिए पुलिस फिलहाल एक्टिव नजर नहीं आ रही है। हालांकि एडीसीपी का कहना है कि अवैध असलहो के साथ गिरफ्तार किए गए दोनों तस्करों के बारे में यह पता चला है कि यह लोग गैर जनपद से नाजायज असलहे लाए थे। यह नहीं पता चला है कि गैर जनपद में असलहे इन तस्करों को अवैध असलहे इतनी भारी संख्या में किसने उपलब्ध कराए थे । चिंता का विषय यह है कि इस तरह के नाजायज असलहे की राजधानी लखनऊ में मौजूदगी बड़ी चिंता की बात है क्योंकि पुलिस ने शुक्रवार को 5 नाजायज असलहे बरामद किए हैं। यदि पुलिस यह असलहे बरामद न कर पाती और यह असलहे गलत हाथों में चले जाते तो यह पांच असलहे कितनी जानो के दुश्मन बन सकते थे इसका अंदाजा भी नहीं लगाया जा सकता है। बहरहाल पुलिस की इस कामयाबी को हल्के में लेने का सवाल ही पैदा नहीं होता क्योंकि पुलिस ने चुनाव से पहले राजधानी लखनऊ में नाजायज असलहों का जखीरा पकड़ कर दो तस्करों को गिरफ्तार किया है उससे अवैध असलहों की तस्करी करने वालों की कमर जरूर टूटेगी।

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