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संविधान दिवस पर शिया पीजी कॉलेज में आयोजित हुई संगोष्ठी, विद्यार्थियों को दिलाई गई शपथ

   संगोष्ठी में बताई गई संविधान की महत्वता

  निखिल बाजपेयी

  लखनऊ। संविधान दिवस/ राष्ट्रीय विधि दिवस के अवसर पर, विधि विभाग, शिया पीजी कॉलेज, लखनऊ की ओर से एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में कॉलेज के मैनेजर एस अब्बास, मुर्तजा शम्सी ने संगोष्ठी में शामिल छात्र छात्राओं को उदेशिका की शपथ दिलाई और छात्रों को उनका मार्गदर्शन किया । संविधान दिवस पर आयोजित संगोष्ठी में अपने विचार रखते हुए डॉ अजयवीर ने संविधान दिवस की विशेषता को बताते हुए संविधान के द्वारा प्रदत अधिकारों की जानकारी भी दी। इसी क्रम में विधि विभाग, शिया पीजी कॉलेज के पूर्व इंचार्ज डॉक्टर इशरत हुसैन ने अपने सम्बोधन में कहा कि आज के दिन संविधान सभा की आखिरी बार मीटिंग हुई थी, कुछ महत्वपूर्ण संविधान के प्रावधान इसी दिन से लागू हो गए थे पर हम 26 जनवरी 1950 से पूरी तरह से अपने कानून से शासित होने लगे थे। समाज शास्त्र विभाग के प्रोफेसर डॉक्टर प्रदीप शर्मा ने संविधान में बताए गए अधिकारों व उद्देशिका में शामिल शब्द धर्मनिरपेक्षता, समाजवाद, सोशल, इकोनोमिक, पॉलिटिकल जस्टिस का सही अर्थ बताया, डॉ एस मोहसिन रजा ने संगोष्ठी के अंत में शामिल सभी वक्ताओं का धन्यवाद् किया। संविधान दिवस पर आयोजित संगोष्ठी में छात्र छात्राओं ने भी संविधान से संबंधित अपनी अपनी बात रखी। संगोष्ठी का आगाज़ विधि विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ एस सादिक हुसैन आबिदी के प्रारम्भिक उदघोष से हुआ। कार्यक्रम का संचालन विधि विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ एजाज़ हुसैन ने किया। संगोष्ठी के ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी रहे विधि विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ वहीद आलम व डॉ कमलजीत मणि मिश्रा थे।

संगोष्ठी में पर्सियन विभाग के प्रोफेसर डॉ एजाज़ अतहर , आइक्यूएसी निदेशक व जूलोजी विभाग के प्रोफेसर डॉ एस एस आर बाक़री, भौतिक विज्ञान विभाग के इंचार्ज डॉ भुवन भास्कर, विधि विभाग से डॉ एस नुजहत हुसैन , डॉ पीके गर्ग, डॉ छत्र पाल, डॉ कमल जीत मणि मिश्रा, डॉ नूरीन ज़ैदी , डॉ वहीद आलम, डॉ धर्मेंद्र कुमार, डॉ चंदा बानो ज़ैदी , अन्य विभागों के शिक्षक गण व भारी संख्या में विधि के छात्र व छात्राएं उपस्थित रहे।

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