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तुम्हारी ऐसी की तैसी.... पैसा नही पहुँचाया तो दुकान हटाओ या जेल जाओ,, बेलगाम दारोगा की काली करतूत


फिर दागदार हुई लखनऊ पुलिस, वसूली नही मिली तो चौकीदार को उठाकर पीटा


पर्वो के बीच दिखा लखनऊ पुलिस का दोहरा चरित्र, खाकी के  बाशिंदों की करतूत से हुआ महकमा शर्मसार


निखिल वाजपाई

लखनऊ। लखनऊ कमिश्नरेट पुलिस की कमान संभालने वाले कमिश्नर ध्रुव कांत ठाकुर जितने भी प्रयास कर ले कि पुलिस की छवि आम नागरिक की नजरों में सुधरे लेकिन कुछ दागी पुलिसकर्मी उनके मंसूबो पर विफलता का टीका लगाया ही देते हैं। ऐसे दागी पुलिसकर्मियों की करतूत न केवल महकमे पर शर्मसार होने का स्लोगन फिक्स कर देती हैं बल्कि आम नागरिक ऐसे लोगो की वजह से हर वक्त से शिकार होता आया है। ताजा मामला उत्तरी ज़ोन के गुडंबा थाने का है, जहां एक बार फिर खाक़ी का दामन सवालों के घेरे में आ गया। एक ओर जहां लखनऊ पुलिस गरीबो में मिठाई वितरित कर उनकी खुशियों में सिराक हो रही थी तो वही दूसरी तरफ कुछ दागी पुलिसकर्मी खाकी के आँचल को वसूली जैसे कीचड़ में घसीट रहे थे। और जब वो इस कृत्य में विफल हुए तो एक गरीब चौकीदार को उठाकर थाने पर लाकर यातनाएं दी। फूलबाग कॉलोनी गुडंबा निवासी लतीफ ने बताया कि चार नंबर चैराहे पर गरीब ठेले वाले व अन्य व्यापारियों द्वारा सब्जी बाजार लगती है। सभी दुकानदारों ने आपसी सहमति से उनके दुकान व समान की सुरक्षा हेतु लतीफ के निगरानी में चौकीदार रखा है। बकौल लतीफ़ उनका भाई फरीद व नदीम चौकीदारी कर देखरेख करते है। आरोप है कि छोटी दीवाली वाले दिन सुरेश यादव दारोगा व दीवान कमलेश बाजार में आये और अवैध वसूली की माँग करने लगे। वीरोध पर पुलिसकर्मी चौकीदार फरीद को थाने उठा लाये। आरोप है थाने पर दो दारोगा व तीन सिपाहियों ने उसे बुरी तरह से पीटा। बाजार के चौकीदार फरीद के ऊपर पुलिस द्वारा अनैतिक तरीके से यातनाएं देने से सभी पटरी दुकानदारों में रोष व्याप्त हो गया। मोहम्मद लतीफ ने बताया कि अब वो इंसाफ के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ समेत कमिश्नर लखनऊ डीके ठाकुर से शिकायत करेंगे। यही नही अगर कही इंसाफ नही मिला तो वो न्यायलय की मदद लेंगे।

ज्यादा वसूली माँगने का आरोप

लतीफ ने बताया कि अक्सर ही आवारा जानवर पटरी दुकानदारों के सामान का नुकसान कर देते है। ऐसे में ही यह फैसला लिया गया था कि देखरेख के लिए व्यवस्था की जाए। लतीफ बताते है कि वैसे तो अक्सर ही गुडंबा पुलिस यहाँ से वसूली करतीहै। लेकिन छोटी दीवाली पर दारोगा सुरेश यादव व दीवान कमलेश आये और कहने लगे कि सभी दुकानदार ज्यादा पैसे देते है लेकिन पुलिस को पैसा कम मिलता है। आरोप है दारोगा सुरेश यादव ज्यादा वसूली व त्यौहारी अलग से देने की माँग करने लगे। पटरी दुकानदारों ने उसका विरोध किया तो दारोगा ने सारा गुस्सा गरीब चौकीदार पर उतार दिया और बेवजह उसको थाने में बंधक बनाकर पीट दिया। स्थानीय सब्जी दुकानदार, महबूब, शादाब, सिराज, इरफान, नसीम, फारुख  इत्यादि ने बताया कि अगर आरोपी दारोगा व पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नही हुई तो वो त्यौहार बाद प्रदर्शन को मजबूर होंगे।

एडीसीपी ने भी दिया महज आश्वासन

विदित हो कि प्रकरण को लेकर स्थानीय पटरी दुकानदारों ने शनिवार को एडीसीपी उत्तरी प्राची सिंह से लिखित शिकायत करी है जिसके बाद उन्हें उचित कार्रवाई जांचोपरांत का आश्वासन एडीसीपी प्राची सिंह से मिला है। लेकिन हमारी लखनऊ की आवाम को शायद यह जानकर अचंभा हो कि जब यह जानकारी अधिकारियों के संपर्क में आई तो वे अपनी पीठ दिखाने लगे। बैरहाल लखनऊ कमिश्नरेट पुलिस जो अपने टुटपूंछे गुड वर्क का गुड़गान करते नही थकते उसी जोन में ऐसे पुलिसकर्मियों की कालगारियाँ उजागर होकर महकमे को बदनाम कर रही। 

क्या कहते है विभाग के जिम्मेदार

1. जी आपकी वजह से मुझे इस प्रकरण की जानकारी हुई, शायद त्यौहारों में कानून व्यवस्था की देखरेख के चलते मै ध्यान नही दे पाया। इस प्रकरण में जाँच कर हम दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन देते हैं:- देवेश कुमार पाण्डेय ( डीसीपी उत्तरी )

2. मुझे शिकायत प्राप्त हुई है, मैं इस मामले को गंभीरता से लेते हुए हर गरीब व्यापारी को आश्वासन देती हूँ कि यदि कोई विभागीय कर्मी लिप्त हुआ तो सख्त कार्रवाई होगी। अपने पटरी दुकानदार भाइयों से अनुरोध है कि किसी भी प्रकार से किसी पुलिसकर्मी को एक रुपये न दिया जाए और यदि अनैतिक रूप से कोई पुलिसकर्मी परेशान करें तो हमारे क्षेत्र के व्यापारी भाई मुझसे संपर्क कर सकते हैं:- प्राची सिंह (   एडीसीपी उत्तरी )

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