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बसपा को लगा एक और झटका, विधानमंडल के दिग्गज नेता शाह आलम ने दिया इस्तीफा


शाह आलम उर्फ़ गुड्डू जमाली के इस्तीफे पर बसपा सुप्रीमो ने दिया  बड़ा बयान

जावेद शाकिब

लखनऊ। 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले बसपा को एक बार फिर एक बड़ा झटका लगा है। बीते दिनों एक के बाद एक तमाम कद्दावर नेताओं के बाद बसपा के विधानमंडल दल के नेता शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली ने भी बसपा से इस्तीफा दे दिया है। अब आजमगढ़ के मुबारकपुर विधानसभा से विधायक गुड्डू जमाली के इस्तीफे के बाद बसपा ने एक बड़ा खुलासा किया है। बसपा की ओर से जारी बयान के मुताबिक, बीते दिनों शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली पर उनकी ही कंपनी में काम करने वाली एक महिला ने उनके चरित्र पर गंभीर आरोप लगाकर एफआईआर दर्ज करा दी थी, जिसकी विवेचना अभी चल रही है। इसी के चलते बसपा गुड्डू जमाली लगातार बसपा सुप्रीमो मायावती पर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात कर इस मामले को रफा-दफा कराने का दबाव बना रहे थे। कहा गया है कि इस प्रकरण में बसपा द्वारा मदद न करने पर गुड्डू जमाली पार्टी छोड़ देने की धमकी दे रहे थे, बावजूद बसपा ने इस मामले में उनकी कोई मदद नहीं की जिसके चलते गुड्डू जमाली ने गुरुवार को मीडिया में बसपा छोड़ने का ऐलान कर दिया है। बसपा सुप्रीमो मायावती की ओर से जारी प्रेस नोट में बताया गया है कि ‘मीडिया से यह ज्ञात हुआ है कि बीएसपी एमएलए व विधानमंडल दल के नेता शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली ने अपने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। जिसका खास कारण कुछ और नहीं बल्कि यह है कि इनकी कंपनी में एक लड़की काम करती थी, जिसने इन के चरित्र पर गंभीर आरोप लगाते हुए इनके विरुद्ध पुलिस में भी शिकायत दर्ज करा दी थी।

जिसकी विवेचना अभी चल रही है, ऐसा इन्होंने मुझे खुद ही बताया था। इस घटना के बाद गुड्डू जमाली मुझ पर यूपी के मुख्यमंत्री से कहकर इस मामले को रफा-दफा कराने के लिए काफी दबाव बना रहे थे और इसके लिए मुझसे वह मिले भी थे, लेकिन इस पर मैंने उनको यही कहा था कि यह लड़की का प्रकरण है बेहतर तो यही होगा कि यदि विवेचना में आप को न्याय नहीं मिलता है, तो आप फिर कोर्ट में जाएं लेकिन गुडडू जमाली ऐसा न करके मुझ पर ही इस केस को खत्म कराने का दबाव बना रहे थे।

मदद न करने पर गुड्डू जमाली ने दी थी इस्तीफे की धमकी

बसपा प्रमुख की ओर से जारी बयान में यह भी कहा गया कि उन्होंने कहा कि यदि इस मामले में आपने मेरी कोई मदद नहीं की, तो फिर मैं पार्टी व पार्टी के सभी पदों से त्यागपत्र दे दूंगा। ऐसा लगता है कि इसी के चलते  यह सब कुछ हुआ है इसके सिवा कोई और कारण नहीं है।

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