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होटल मैनेजमेंट संस्थानो में शिक्षण पद्धति में आया बडा बदलाव

छात्रों को अब इम्युनिटी बूस्टर व्यंजन बनाने की दी जा रही है जानकारी: डॉ कमल कुमार

सत्य स्वरूप संवाददाता

    नई दिल्ली। आतिथ्य सत्कार एक ऐसा फील्डम है जो निरंतर विकास और विस्तार का मार्ग प्रशस्त करता रहा है। हालाँकि, इस महामारी के दौरान दूसरे इंडस्ट्री  की तरह- एयरलाइंस, रेलवे, क्रूज जहाजों, ट्रैवल ऑपरेटरों और होटल सहित सभी लॉजिंग संगठन भी समान रूप से प्रभावित हुए। लेकिन खुशी की बात यह कि आतिथ्य उद्योग तमाम उतार-चढ़ावों के बावजूद तेजी से पटरी पर लौटने लगा है, क्योंकि लोग अब बडी तादाद में यात्रा करने लगे हैं, होटल आवास आदि का उपयोग भी कर रहे हैं। लक्ष्य भारती इंटरनेशनल होटल मैनेजमेंट (एलबीआईएचएम) के डायरेक्टर डॉक्टलर कमल कुमार कहते हैं देश में 100 करोड से अधिक की वैक्सिन डोज लग चुकी है। ऐसा लग रहा है कि अब सब कुछ सामान्य हो जाएगा। इस सेक्ट र में रोजगार भी मिलेगा और स्वारोजगार भी। कमल कुमार कहते हैं कि मेहमानों के स्वागत का तरीका बदल चुका है। केटरिंग, सर्विस के तरीके, कमरे की चाबी संभालाना, भुगतान, ऑर्डर लेना, खाना परोसना हर सर्विस को पूरी सुरक्षा के साथ करना सिखा रहे हैं।  कोरोना ने जहां स्कूल से लेकर कॉलेजों तक में पढ़ाई का तरीका ही नहीं बदला, बल्कि विषय भी बदल दिए हैं। तो ऐसे में कार्यप्रणाली में भी बदलाव होना ही था। अब इम्युनिटी बूस्टर व्यंजन बनाने की जानकारी दी जा रही है। मेहमानों के स्वागत से लेकर उनको अटैंड करने और सामाजिक दूरी का पालन कैसे किया जाए सिखाया जा रहा है। कोरोना के बाद छात्रों को कांटेक्ट लेस हॉस्पिटेलिटी सर्विस देने का अभ्यास कराया जा रहा है। इसमें इम्युनिटी बढ़ाने वाले व्यंजनों की जानकारी, कॉन्टेक्ट लैस चेक इन से लेकर चेकआउट की जानकारी, हाउसकीपिंग, फ्रंट ऑफिस व कमरों में सैनिटाइजेशन भी सिखाया जा रहा है। केटरिंग, सर्विस के तरीके, कमरे की चाबी संभालाना, भुगतान, ऑर्डर लेना, खाना परोसना हर सर्विस को पूरी सुरक्षा के साथ करना सिखा रहे हैं। जैसे कॉफी कुकीज, गिलोय मॉकटेल्स, गुड़ की मिठाई, अदरक के मॉकटेल, राइसक्रीम बुले, अलसी पिज्जा बनाना सिखा रहे हैं। साथ ही कॉन्टेक्ट लेस ऑर्डर लेना, फूड एंड बेवरेज की सर्विस कैसे दी जाए, सिखाया जा रहा है।

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