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सावधान..... कहीं आप भी तो नही हो रहे किसी ऐसे ठग का शिकार ?

राजधानी में फैला जालसाजों का मकड़जाल, बन रहा लोगों के लिए जी का जंजाल

कहीं नौकरी दिलाने के नाम पर तो कहीं फर्जी पुलिस वाला बनकर साथ ही साइबर अपराधियो ने भी लखनऊ में पसारे पाँव

अब एयरपोर्ट व रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर साढे सात लाख की ठगी

अपराध संवाददाता

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में जालसाजी कर साढे सात लाख रूपए की ठगी की गई। चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर जालसाजों ने आठ बेरोजारों से 4.50 लाख रुपये ऐंठ लिए। रेलवे में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर जालसाजों ने 3 लाख रुपये ठग लिए। पुलिस ने दोनों ही मामले पर पीड़ितों की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर लिया है।

जालसाजों ने एयरपोर्ट पर 40 भर्तियों की कही थी बात

काकोरी के सदरौना स्थित कलियाखेड़ा गांव में में शालू बानो परिवार के साथ रहती हैं। उन्होंने बताया कि कुछ माह पहले जौनपुर राजेपुर निवासी दिवाकर व सोनू निषाद ने उनसे सम्पर्क किया। उन्होंने बताया कि अमौसी स्थित चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट में सिक्योरिटी गार्ड, कम्प्यूटर ऑपरेटर, ग्राउण्ड स्टॉफ समेत विभिन्न पदों पर 40 भर्तियां निकली हैं। करीब 50 हजार रुपए खर्च करने पर नौकरी मिल जाएगी। नौकरी लगवाने के नाम पर जालसाजों ने उसके साथ रोमा निषाद, आसिफ, आरिफ, शमीम अहमद, मो. अदनान समेत आठ लोगों से 4.50 लाख रुपये ऐंठ लिए। इसके बाद जालसाजों ने पास व ज्वाइनिंग लेटर देते हुए उनसे एयरपोर्ट जाने की बात कही। पीड़ित एयरपोर्ट पहुंचे तो पता चला ज्वाइनिंग लेटर तो फर्जी है।

खोज में मिले जालसाजों ने रकम वापसी की करी थी बात

ठगी का शिकार सभी पीड़ित खोजबीन करते हुए  जौनपुर पहुंचे तो जालसाजों ने 24 सितम्बर तक रुपये वापस लौटाने की बात कहकर सभी को घर लौटा दिया। फोन मिलाने पर सभी का मोबाइल फोन स्विच ऑफ है। वहीं, दूसरी ओर बस्ती के बघाड़ी गांव निवासी उदयभान शुक्ला ने बताया कि उनकी पड़ोसी मालती शुक्ला के घर दीपक सिंह का आना-जाना था। बातचीत के दौरान दीपक ने उनके बेटे की रेलवे में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर नौकरी लगवाने की बात कही। दीपक ने लालबत्ती चौराहा स्थित रेलवे की आफिसर्स कालोनी में बुलाया जहां एक व्यक्ति और आया, जिसे दीपक ने रेलेवे का अधिकारी बताते हुए 3 लाख रुपए देने को कहा। पैसे लेने के बाद कुछ दिन में नौकरी लगने की बात कही। काफी वक्त बीतने के बाद भी बेटे की नौकरी के लिए कोई लेटर नहीं आया तो उदयभान ने जालसाजों से सम्पर्क किया तो वह टालमटोल करने लगे। पीड़ित ने पुलिस को जालसाजों के साथ मोबाइल फोन पर हुई बातचीत की रिकार्डिंग सुनाई। गौतमपल्ली इंस्पेक्टर सुनील कुमार दुबे ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।

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