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स्टाम्पों की कालाबाजारी से परेशान अधिवक्ताओं ने अतिरिक्त मजिस्टेट सौपा ज्ञापन

   सगीर अमान उल्लाह

   बाराबंकी। अधिवक्ताओं ने अतिरिक्त मजिस्टेट प्रभारी जिलाधिकारी अखिलेश प्रताप सिंह को मांगपत्र सौपा ज्ञापन में कहा गया कि जिला न्यायालय व तहसील में 10 रूपये वाला स्टाम्प खुलेआम 30-50 रूपये में खुलेआम बिक रहा है इस समस्या से जनता को निजात दिलाने के लिए ज्ञापन जिला बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री नरेन्द्र कुमार वर्मा की अगुवाई में दिया गया ज्ञापन में कहा गया कि एक तरफ स्टाम्प व नोटरी टिकट की कमी बताकर अवैध वसूली का खेल खुलेआम चल रहा है जिला प्रशासन सब कुछ जानकार भी अंजान स्टांप पेपर विक्रेता सभी स्टांप पेपरों को कीमत से ज्यादा में बेच रहे हैं 10 रुपये के स्टांप पेपर को 50 रुपये तक में देते हैं, क्योंकि इसका सबसे ज्यादा उपयोग शपथ पत्र बनवाने में होता है। वैसे ये 100 रुपये के स्टांप पेपर को 500 रुपये में बेचते हैं जिला कोषागार में खुलेआम लूट मची है कई स्टांप वेंडरों ने छोटे स्टांप पेपरों की कालाबाजारी शुरू कर दी है। 

ई-स्टांपिंग प्रणाली भी चढ़ी भ्रष्टाचार की भेंट

  सरकार द्वारा शुरू की गई ई-स्टांपिंग प्रणाली भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है छोटे स्टांप पेपरों की किल्लत दूर होने का नाम ही नहीं ले रही है जिला मुख्यालय पर रजिस्ट्री कार्यालय से लेकर तहसीलों तक यही स्थिति है कचहरी,तहसील व रजिस्ट्री कार्यालय में इन दिनों स्टांप पेपर व नोटरी टिकट ब्लैक में बिक रहे हैं। आम आदमी को 100 रुपये के स्टांप की अक्सर जरूरत पड़ती है कम मात्रा में स्टांप पेपर होने का हवाला देकर सबसे अधिक 100 रुपये के स्टांप की कालाबाजारी 500 रूपये तक की जा रही है।

ज्ञापन देने वालों में दर्जनों अधिवक्ता मौजूद रहे। इस पर अतिरिक्त मजिस्टेªट ने आश्वासन दिया कि इस समस्या का जल्द से जल्द समाधान किया जायेगा।

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