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इलाज व चारे के अभाव में दम तोड़ रहे गोवंशी

डॉक्टर का अजीबो गरीब बयान कीचड़ नोच रहे कौव्वे

सत्य स्वरूप संवाददाता

मलिहाबाद, लखनऊ। प्रदेश सरकार की लाख कोशिशों के बावजूद भी पशु आश्रय केन्द्रो की स्थिति मे सुधार नही हो रहा है। इलाज के अभाव व भूख प्यास से प्रतिदिन असमय गौवंश अपना दम तोड़ रहे हैं। लेकिन अधिकारी इन गौवंशों की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे है।

    प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने गौवंशों को संरक्षित करने के लिये महत्वाकांक्षी योजना पशु आश्रय केन्द्र चलाकर उनके चारे के लिये प्रति जानवर 30 रूपये प्रतिदिन के हिसाब से निर्धारित कर दिये। लेकिन ब्लाक के अधिकारियो की खाऊ कमाऊ नीति एवं डाक्टरों की लापरवाही से प्रतिदिन गौवंश अपना दम तोड़ रहे हैं। ग्राम पंचायत माधवपुर के पशु आश्रय केन्द्र मे बीमारी की हालत मे पड़े एक गौवंश को कौव्वे नोंच-नोंच कर खा रहे थे। लेकिन वहां मौजूद गौपालक उन कौव्वों को भगाना तक मुनासिब नहीं समझ रहे थे। ग्राम पंचायत दिलावरनगर मे बने पशु आश्रय केन्द्र मे एक गौवंश कीचड़ मे मृत पड़ा था। इसी गौशाला मे एक गौवंश का बछड़ा किनारे नाली मे भरे पानी मे डूबा पड़ा था। जिसे कोई निकालने वाला तक नहीं था। पशु आश्रय केन्द्र मे कैथुलिया मे एक मृत अवस्था मे पड़े गौवंश को डाक्टरां ने पन्नी डाल ढ़क दिया था। जिससे उसे कुत्ते या अन्य जानवर नोंच न सकें। विकास खण्ड़ की ग्राम पंचायत मलहा, मोहम्मदनगर रहमतनगर, खडौहां, दौलतपुर, दिलावरनगर, माधवपुर, बेलगढ़ा व कैथुलिया मे पशु आश्रय केन्द्र बने हैं। इन पशु आश्रय केन्द्रों मे चारे की समुचित कोई व्यवस्था नही है। जिससे वह भूख प्यास से दम तोड़ रहे हैं। गौशालाओं मे पानी की समुचित निकासी न होने से कीचड़ भरा है। जिससे गौवंशों मे खुरपका रोग फैलने लगा है। 

    इस सम्बन्ध मे सीडीओ का कहना है कि इस प्रकरण की जानकारी पत्र प्रतिनिधियों के माध्यम से हुयी है। घटना की जांच कराकर दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी। इस सम्बन्ध मे पशु चिकित्साधिकारी डा0 डीपी सिंह ने अजब गजब बयान देते हुये कहा कि गौवंशों के आंखों मे आ रहे कीचड़ (गन्दगी) को कौव्वे नोंच रहे थे। कोई भी गौवंश मृत नही है।

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