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चौदह वर्ष बाद बंधुआ मज़दूर पहुंचा घर परिजनों के आंखों में खुशी के छलके आंसू

   ख्वाजा खान

  सोनभद्र। चोपन थाना क्षेत्र के गुरमा नगर पंचायत के आदिवासी बस्ती के रहने वाला एक युवक14 वर्ष के बाद इंदौर के होटल मे बन्धुआ मजदूरी के चुंगल से मुक्त होकर घर सलामत लौटने पर परिजनों मे खुशी की लहर दौड गई बस्ती के लोग चंदन को देखने के लिये घर पर जमा होने लगे। बताते चले की गुरमा के चंदन पुत्र बिशेषर सन,2007में 10 बर्ष के आयु मे बस्ती से गायब हो गया था।वह दुर्भाग्य बस बालमजदुरी कराने वाले गिरोह के चंगुल में फंसकर इंदौर के एक होटल मे बाल मजदूरी करने लगा। चंदन किसी तरह होटल के बंधक से मुक्त हो घर आना चाह रहा था।

   वह कुछ दिन पूर्व एक रात होटल मालिक के घर चले जाने का सुनहरा मौका देख रात में ही वहां से किसी तरह भाग कर मंगलवार की रात अपने घर सकुशल वापस आ गया। चंदन के घर आने पर खुशीयों की लहर दौड गई।चंदन के परिजनों के मुताबिक चंदन सन् 2007 में ही बाल्य अवस्था में गुम हो गया था। उसके बाद गुमशुदगी की रिपोर्ट चोपन थाने मे दर्ज करायी गयी थी। लेकिन बेटे का कोई पता नहीं चला ईश्वर के कृपा से मेरा बेटा आज क़रीब 14 वर्षो बाद सही सलामत घर वापस आगया मेरे लिए व मेरे परिवार के लिए इससे बड़ी खुशी नहीं हो सकती।हम लोग पूरी तरह निराश हो चूंके थे लेकिन मालिक ने मेरे पुत्र को वापस कर मेरे पूरे परिवार का दामन खुशियों से भर दिया।

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