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लखनऊ : मेडिकल एजुकेशन में एडमिशन कराने के नाम पर हो रही लाखों की ठगी

   अंकुश भारती

  लखनऊ। राजधानी लखनऊ में थाना गाजीपुर अंतर्गत बहुचर्चित स्ट्रीट कैरियर गाइडेंस सर्विस प्रा०लि० लेखराज में स्थित एजुकेशन सेंटर हैं जो बच्चों को एम०बी०बी०एस०, बी०एच०एम०एस० बी०ए०एम०एस० कालेज में एडमिशन दिलाने के नाम पर लाखों रूपये ऐंठते है। यह एजुकेशन सेंटर लेखराज सहारा शॉपिंग कॉम्लेक्स में अपना कॉल सेन्टर भी चलाते है, जिसकी मैनेजर आयात खान है, इनका मुख्य कार्य बच्चों को कॉल करके अपने ऑफिस बुलाना है, फिर अपने सीनियर से मिलाने की बात कहकर आकाश पण्डित और अनिल यादव से बच्चों और उनके परिवार की मुलाकात कराना है। 

   बच्चों को बहला फुसला कर और बच्चों के परिवार वालो को अपनी झूठी पावर और सोर्सेस बताकर लाखो रुपये की ठगी करते है। ऐसे ही ये काफी सालों से करते चले आ रहे है। पैसे लेने के बाद भी जब काम नही होता तो यदि बच्चा या उनके परिवार वाले अगर अपना पैसा वापस मांगने जाते हैं तो ऑफिस में कभी भी उनकी अनिल और अकाश से मुलाकात नहीं होती है, और ऑफिस की मैनेजर आयात खान महिला होने का फायदा उठाते हुए मना कर देती है कि सर नहीं है आप बाद में आइयेगा। क्योकि अनिल यादव और आकाश पण्डित हर रोज ऑफिस नही आते वो सिर्फ तब ऑफिस आते है जब उनकी मैनेजर आयात खान किसी नये बकरे को हलाल करने की पूरी तैयार कर चुकी होती है। 

   इस तरह से 18-19 महीना हो गया है, आयात खान, आकाश पंडित और अनिल यादव की तिगड़ी के कारण बहुत से बच्चे डिप्रेशन के शिकार हो गये है और  कुछ ने तो घर वालों का लाखों रुपये अपनी वजह से डूबने के कारण आत्महत्या तक करने का प्रयास कर चुके है। इसी तरह के शिकार हुए हैं अम्बेडकर नगर अकबरपुर निवासी छात्र मनोज कुमार पुत्र श्री चौथी राम जो एम०बी०बी०एस० में एडमिशन कराने के लिए लाखों रू० दिए थे। एडमिशन न होने पर पैसा वापस मांगा है लेकिन अभी तक पूरा पैसा वापस नहीं मिला है। किस हक़ से ये बच्चों का जीवन बर्बाद कर रहे है, इंसान अपनी जिंदगी भर की कमाई लाकर अपने बच्चे के बेहतर भविष्य के लिये इन गुनहगारों को सौंप देता है, ऐसी गिरी हुई हरकत करने के बाद भी ये समाज मे बड़े फक्र से घूम रहे है क्योकि न तो इनको भगवान का डर है और न ही कानून का। आखिर क्या वजह है कि इन जैसे ठगबाज़ लोगो के खिलाफ पुलिस कोई एक्शन नही लेती,  इसका सीधा अभिप्राय यह है कि ये खुलेआम ऑफिस खोलकर पुलिस की मिलीभगत से इस ठगी को अन्जाम दिया जा रहा है। अगर ऐसे ही पुलिस हाथ पर हाथ धर कर इनका साथ देती रही तो ये जैसे लोग पूरे समाज को खोखला कर देंगे। मेरी माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश योगी आदित्यनाथ जी से एवं पुलिस कमिश्नर लखनऊ डी. के.ठाकुर जी से प्रार्थना है कि इस मामले को जल्द से जल्द स्वयं संज्ञान में ले और  तत्काल प्रभाव से इनके ऑफिस सीज़ करे और इनको सलाखों के पीछे भेजे जो इनकी वास्तविक जगह है, और साथ ही उनके साथ भी शख्त कार्यवाही करे जो इस काम मे इनका साथ देते है फिर चाहे वह पुलिस का कर्मचारी हो या कोई और।

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