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डकैती की घटना को तोडमोड कर चोरी का प्रयास बताने पर आमादा हुई लखनऊ पुलिस, अधिकारियों को भी भरमाया

देर रात आधा दर्जन से ज्यादा बदमाशों घर मे घुसकर करी लूटपाट, घर वालो को किया घायल

निखिल वाजपेई

लखनऊ। लखनऊ पुलिस आये दिन अपनी करतूतों से महकमे के दामन पर दाग लगाने से बाज नही आ रही। अभी हाल में ही ग्रामीण इलाके के माल थाना क्षेत्र में गठित एक हत्या के मामले में तत्काल प्रभारी रहे निरीक्षक पर झूठ बोलने व अफसरों को भरमाने के मामले में एसपी ग्रामीण ने कार्रवाई करी थी। अब एक बार फिर से ग्रामीण इलाके के माल पुलिस ने महकमे की फजीहत करा दी। रविवार/सोमवार की रात क्षेत्र में एक किसान के घर हुई डकैती की वारदात को दबाने के लिए पुलिस मनमाना ब्यान देने पर आमादा हो गई। किसान के साथ हुई डकैती के मामले में पुलिस मामला ही निगल गई और घटना को महज चोरी का प्रयास बताया और कहा कि चोर कुछ ले जा नही पाए। इसके विपरीत पीड़ित के मुताबिक उनके घर के लोगो को घायल करते हुए आधा दर्जन बदमाशो ने डकैती को अंजाम दिया और पाँच लाख की जूलरी व  48 हजार रुपये लूटकर भाग गए। 

घर के पीछे हिस्से से घुसे थे बदमाश

माल थाना क्षेत्र के फ़ूलतारा गाँव निवासी किसान विजय कुमार गौतम ने बताया कि गाँव के बाहर ही रोड पर उनका घर है। पीड़ित के मुताबिक रविवार रात घर के सभी लोग सो गए थे। देर मध्य रात्रि आधा दर्जन नकाबपोश बदमाश घर के पीछे के हिस्से से फांद आये। पीड़ित विजय ने पास रखे बेलचे से वीरोध कर उन्हें भगाना चाहा तो बदमाशो ने उससे बेल्चा छीन लिया। किसान विजय उनकी पत्नी रीना बेटी सुरेखा पर हमला बोलकर घायल कर दिया। इसके बाद बदमाश उनकी बहू सुभाषिनी के कमरे में जाकर लॉकर की चाभी माँगी, लेकिन उसने नही दी। इस पर बदमाशों ने उसकी पिटाई करी व लाकर तोड़कर पाँच लाख नगदी व 48 हजार की रकम उड़ा ले गए। 

मासूम ने दिया गच्चा तो भागे बदमाश

जिस वक्त बदमाश किसान विजय के घर मे उत्पात मचा रहे थे उसी वक्त उनके आठ बर्षीय मासूम ने हिम्मत व बुद्धि का परिचय दिया। विशाल बदमाशो को गच्चा देकर घर के बाहर निकला और शोर मचाते हुए गाँव वालों को बुला लिया। गाँव की भीड़ जुटती देख बदमाश भाग खड़े हुए।

पुलिस पर लगी आरोपो की झड़ी

घायल पीड़ित किसान विजय ने बताया कि घटना के बाद वह काफी देर तक कंट्रोल रूम पर कॉल करते रहे लेकिन कॉल नही लगी और वो असफल रहे। फिर एक ग्रामीण ने बीट के दारोगा लखन मिश्रा को कॉल करके बुलाया तब घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। वही इंस्पेक्टर रवींद्र कुमार ने न केवल अपने अफसरों बल्कि मीडिया को ही गुमराह करते रहे। वो तो लूटपाट की बात से ही इनकार कर बैठे और कहा कि चोर घुसे थे घर मे जरूर लेकिन ग्रामीणों के इकट्ठा होने की वजह से कुछ ले नही जा पाए। लेकिन मंगलवार को सोशल मीडिया पर इंस्पेक्टर माल रवींद्र कुमार का यह झूठ ज्यादा देर छिपा नही रह सका और पुलिस की जमकर किरिकिरी हुई।

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