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विंध्याचल का नाव हादसा : लाश ढूंढने के लिए आज चलेगा महा अभियान

   महेंद्र पाण्डेय

  मिर्जापुर। बुधवार को रांची झारखंड से मां विंध्यवासिनी का दर्शन पूजन करने आए एक दर्जन तीर्थयात्री गंगा स्नान करने के लिए नाव की सवारी किया था, बीच गंगा में नाव के असंतुलित हो जाने से वह गंगा में समाहित हो गई सभी लोग डूबने लगे विंध्याचल के अखाड़ा घाट पर समय गवाएं स्थानीय गोताखोरों ने आधा दर्जन लोगों को बचा लिया और आधा दर्जन लोग गंगा में समाहित हो गए। आज तीसरा दिन हो गया सिर्फ एक बालक का शव मिला है बाकी 5 लोगों का कोई अता पता नहीं है! जिस नाव में दर्शनार्थी परिवार सवार था उस नाव का भी पता नहीं चला है! एनडीआरएफ और पीएसी के जवान गोताखोर निरंतर गंगा में शवों को ढूंढने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन सफलता हाथ नहीं लग पा रही है! अब लगभग 100 लोगों की एक टीम बनाकर प्रशासनिक अधिकारी कल गंगा में समाहित शवों को ढूंढने का महा अभियान चलाएंगे! इसमें थाना अध्यक्ष विंध्याचल शैलेश राय, पुलिस एवं पीएसी के जवानों का नेतृत्व करेंगे, एनडीआरएफ के जवानों का नेतृत्व एनडीआरएफ के स्पेक्टर मिथिलेश कुमार करेंगे!

    स्थानीय और अनुभवी गोताखोरों का नेतृत्व रामलाल साहनी युवा पत्रकार करेंगे! इसके लिए महाजाल, रस्सी, भारी मात्रा में जैकेट, ट्यूब के साथ गंगा में समाहित नाव के चपेट में बाकी शव होने की संभावनाओं को देखते हुए कई टीम बनाकर महा अभियान चलाया जाएगा, गंगा में डूबे यात्रियों के शव के ना मिले पर शासन ने गंभीरता से लिया है! जिला प्रशासन के माथे पर चिंताओं की लकीर खींची है! हर प्रयास को अजमाने का  प्रयास जिला प्रशासन कर रहा है! लगभग एनडीआरएफ की 25 जवानों की टीम उतनी ही पुलिस और पीएसी के जवान 3 टीम बनाकर अब तक शव ढूंढने का प्रयास असफल रहा! शासन के सख्त तेवर पर जिला प्रशासन हरकत में आया है! और अनुभवी गोताखोरों को बुला लिया गया है! और कल महा अभियान चलाया जाएगा! रांची झारखंड और बक्सर बिहार से परिजन विंध्याचल में ठहरे हुए हैं, उनकी सारी व्यवस्था नगर विधायक के परिजन कर रहे हैं! झारखंड सरकार के मुख्य सचिव जिला प्रशासन के संपर्क बनाए हुए हैं! प्रशासन के अब तक के सारे प्रयास असफल होने पर राजनीति भी गरमा गई है, विभिन्न राजनीतिक दलों के लोग सरकार पर तंज कस रहे हैं!

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