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क्लोनिंग करके लोगों के साथ ठगी करने वाले तीन शातिर गिरफ्तार 2 लाख 98 हजार बरामद

शातिर अंदाज में देते थे जालसाजी को अंजाम

निखिल वाजपेई

लखनऊ। पूर्वी जोन की विभूतिखंड पुलिस ने तीन ऐसे शातिर जालसाजों को गिरफ्तार किया है जो बेहद शातिर तरीके से अंगूठे के निशान की क्लोनिंग करके जालसाजी को अंजाम देते थे। पुलिस ने इनके पास से एक कार व 2 लाख 98 हजार रुपये बरामद किए है। पुलिस का दावा है कि ये शातिर बेहद शातिराना अंदाज में जालसाजी की घटना को अंजाम देते थे। एडीसीपी पूर्वी  कासिम आब्दी ने बताया कि थाना हाजा पर बीते दिनों एक कंपनी ने मामला दर्ज कराया था कि जालसाजी से उनकी रकम उड़ा दी गई है। इसके बाद थाना हाजा पर मामला दर्ज हुआ था। सर्विलांस सेल व इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जुटाने के लिए टीम गठित हुई। इसी बीच जालसाजों के बारे में कुछ जानकारियाँ लगी थी। इंस्पेक्टर चंद्रशेखर ने बताया कि इंस्पेक्टर विनोद कुमार सिंह टीम के साथ पॉलिटेक्निक चौराहे पर इन्ही जालसाजों के बारे में जानकारी जुटा रहे थे कि मुखबिर से सूचना की मिली ये जालसाज अवध बस स्टॉप के पास मौजूद है। मौके पर पहुंची टीम को सड़क किनारे एक क्विड गाड़ी यूपी 53 ईएक्स 8203 में बैठें जनपद गोरखपुर के रहने वाले राजेश राय, राहुल कुमार राय व रामसरन गौड़ को गिरफ्तार कर लिया साथ ही कर के डैशबोर्ड से 2 लाख 28 हजार रुपये बरामद किए। 

बेहद शातिराना था जालसाजों का अंदाज

एडीसीपी कासिम आब्दी ने बताया कि पूछताछ में इन आरोपियों ने बताया कि वो आईजीआरएस की वेबसाइट से जमीन संबंधी रजिस्ट्री व आधार कार्ड डाउनलोड कर लेते थे। इसके बाद उन पर लगे अंगूठा के निशानों को क्लोन करके रबर वाली मोहर पर प्रिंट ले लेते थे। इस प्रिंट के सहारे वे थम्ब स्कैनर पर अंगूठे के निशान व दस्तावेजो के साथ वॉलेट में छोटे छोटे सामूहो में रकम ले लेते थे। इसके बाद राजेश यह रकम अलग अलग जनसुविधा केंद्रों में भिजवा देता था और फिर राहुल व रामसरन ये रकम निकाल लेते थे।

आठ महीने पहले दिया था वारदात को अंजाम

बरामद रकम के बारे में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि काफी रकम वो खर्चा कर चुके हैं। इंस्पेक्टर चंद्रशेखर ने बताया कि आरोपियों ने कुबूल किया है की लगभग सात आठ माह पहले उन्होंने एक कंपनी एचपीएस इंफोर्मेटिक के दस्तावेजो के साथ ही अंगूठे की क्लोनिंग करते हुए एक फर्जी केवाईसी के माध्यम से रकम निकाली थी। ये रकम उसने कुछ जनसुविधा केंद्रों व एएम ट्रेडर्स सोनाली के बैंक खाते में जमा किये थे। इसके अलावा वह लगभग आधा दर्जन से ज्यादा कंपनियों में रकम जमा करता था।

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