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लाभार्थियों एवं अधिकारियों की उदासीनता से पीएम के सपने को लग रहा पलीता

स्वच्छ भारत मिशन योजना से गांवों मे हुआ था शौचालयों का निर्माण

सत्य स्वरूप संवाददाता

मलिहाबाद, लखनऊ। सरकार द्वारा स्वच्छ भारत मिशन योजना के तहत ग्राम पंचायतों को खुले मे शौचमुक्त (ओडीएफ) करने के लिये करोड़ों की लागत से गांवों मे व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण कराया गया था। लेकिन यह शौचालय अधिकारियों की लापरवाही व लाभार्थियों की उदासीनता के चलते ध्वस्त हो रहे हैं। कहीं दरवाजे टूटे हैं, कहीं लाभार्थियों ने इन बने शौचालयों मे अपने घरों का कबाड़ व गोबर के कण्ड़े भर दिये हैं। 

    भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2 अक्टूबर 2018 तक किसी भी गांव मे कोई भी व्यक्ति खुले मे शौच करने न जाये इसके लिये स्वच्छ भारत मिशन योजना चलाकर गांवों मे व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण कराना शुरू कराया था। उनका सपना था कि 2 अक्टूबर 2018 तक सभी ग्राम पंचायतें शौचमुक्त (ओडीएफ) घोषित हो इसको लेकिन ब्लाक के अधिकारियों ने ने आनन-फानन सभी ग्राम पंचातयों मे 12 हजार रूपयों की लागत से व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण कार्य कराना शुरू कर दिया था। इन शौचालयों मे लाभार्थियों से वसूली के साथ घटिया सामग्री का भी प्रयोग किया गया था। ब्लाक के अधिकारियों ने 31 जुलाई 2018 तक विकास खण्ड़ की समस्त 67 ग्राम पंचायतों को ओडीएफ घोषित कर दिया। इसके बाद 15 अगस्त को जिलास्तर पर विकास खण्ड़ मलिहाबाद को ओडीएफ ब्लाक घोषित कर दिया गया। लेकिन गांवों मे बने शौचालय बनने के बाद ही ध्वस्त होना शुरू हो गया था। 

     व्यक्तिगत शौचालयों की स्थिति की जमीनी हकीकत देखनी है तो विकास खण्ड़ मलिहाबाद की 67 ग्राम पंचायतों मे देखा जा सकता है। कहीं इन बने शौचालयों मे ग्रामीण कण्डे भर रहे हैं तो कहीं अपने घरों का कबाड़। ठेके व घटिया सामग्री के प्रयोग से बने यह शौचालय बनने के 6 माह बाद ही ध्वस्त होना शुरू हो गये थे। अधिकतर शौचालय ध्वस्त हैं, तो कहीं इन शौचालयों मे पल्ले ही नहीं हैं। ग्राम पंचायत फिरोजपुर मे व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण तो कराया गया था। लेकिन इन शौचालयों मे बने गड्ढ़े खुले पडे हैं, जो अभी भी मौत को दावत दे रहे हैं। ग्राम पंचायत महदोईया मे लोग इन बने शौचालयों मे गोबर के कण्ड़े व कबाड़ भर रहे हैं। अब स्थिति यह है कि अधिकतर ग्राम पंचायतों मे पूर्व मे बने शौचालय ध्वस्त व जर्जर हो गये हैं। जो बिल्कुल प्रयोग लायक नहीं बचे हैं।  

    इस सम्बन्ध मे सहायक विकास अधिकारी पंचायत रवीन्द्र कुमार त्रिपाठी का कहना है कि सूचना मिली है। मौके पर जाकर इन शौचालयों की जांच कराकर दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी।

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