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नारी सशक्तीकरण महिलाओं के लिए सुरक्षित समाज बनाने की उम्मीद

   जावेद शाकिब

  जैदपुर/बाराबंकी। नारी सशक्तिकरण के क्षेत्र में जनपद नगर पंचायत जैदपुर लगातार आगे बढ़ रहा है। सरकार निरंतर नए-नए अभियान चला रही है। इसके बावजूद महिलाएं डर के साए में जीने को मजबूर हैं। महिला सुरक्षा व शिक्षा को बढ़ावा देना और कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ कठोर कदम उठा रही है उत्तर प्रदेश सरकार। महिला सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता के लिए प्रदेश सरकार की मुहिम मिशन शक्ति ने ग्रामीण व शहरी क्षेत्र की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है, जिससे महिलाएं खुद को समाज में सुरक्षित महसूस कर सकें। लोगों में महिलाओं के प्रति सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन की भावना का प्रसार हो। बेटा-बेटी में कोई भेद नहीं, कोख में बेटियों की हत्या और बाल-विवाह जैसी घटनाएं न हो। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, स्वयं सहायता समूह, विधवा पेंशन योजना के माध्यम से भी सरकार पूरी मजबूती के साथ महिलाओं को सशक्त बनाने में कोई कसर नहीं कर रही है।

स्वास्थ्य विभाग ने लगानुपात में बढ़ोतरी के लिए कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक बुराई व इस अपराधिक कृत्य की रोकथाम के लिए सख्त कदम उठाने का दावा किया, लेकिन इस कृत्य को करने वाले आसपास के जनपदों में जाने से भी गुरेज नहीं करते। महिलाओं खिलाफ होने वाली हिसा या अपराध की शिकायत के लिए 1090, 1098, 112, 181 जैसे तमाम विकल्प हर समय उपलब्ध हैं। इसके बावजूद जनपद में महिलाओं अपराध लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में महिलाएं स्वयं के लिए एक सुरक्षित समाज की आश सरकार से लेकर अधिकारियों से लगाए हुए हैं।

व्यवहारिक बदलाव से महिलाओं के लिए बनेगा सुरक्षित समाज भारत सरकार ने 2001 को महिला सशक्तिकरण वर्ष (स्वशक्ति) घोषित किया। सन् 2001 में महिलाओं के सशक्तिकरण की नीति पारित की गई। महिलाओं को सशक्त बनाने वाली योजनाओं के तहत सरकार उन्हें हक तो दिला सकती हैं। लेकिन, जब तक समाज के लोग महिलाओं के प्रति अपनों की सोच में परिवर्तन नहीं करेंगे। तब तक महिलाओं का चौखट से चौपाल तक आने का सफर आसान नहीं होगा। वैचारिक बदलाव जब तक लोगों के व्यवहार का हिस्सा नहीं बनेगा। तब तक महिला सशक्तिकरण का नारा बस खेल ही बन कर रह जाएगा। व्यवहारिक बदलाव लाने से ही महिलाओं के प्रति सुरक्षित समाज बन सकेगा।

जैदपुर थाने के कस्बा इंचार्ज एस पी सिंह ने बताया कि नारी सुरक्षा, नारी सम्मान, नारी स्वावलंबन के लिए जनपद में विभिन्न विभागों द्वारा अपने स्तर पर अभियान चलाए जा रहें है। नए साल में इन अभियानों को युद्ध स्तर पर चलाने के लिए अधिकारियों ने कमर कस ली है। इसके तहत तहसील, ब्लाक व ग्राम पंचायत स्तर पर महिलाओं जागरूक किया जाएगा। मिशन शक्ति अभियान में के तहत महिलाओं में अत्याचार न सहने की अलख जगाई जाएगी। महिलाओं व बालिकाओं को परामर्श, सुरक्षा सेवाएं, हेल्प लाइन, पुलिस सेवा, स्वास्थ्य सेवा व सरकारी योजनाओं के बारे में जागरूक किया जाएगा।

नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि रियाज अहमद ने विद्यालयों में कार्यक्रम आयोजित कर बालिकाओं को बाल विवाह रोकथाम, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, कन्या भ्रूण हत्या रोकथाम, घरेलू हिसा रोकथाम, पाक्सो एक्ट, महिलाओं व बालिकाओं के प्रति छेड़छाड़ से सुरक्षा तथा महिला हेल्प लाइन नंबरों के विषय में जानकारी दी जाएगी। 

बीट इंचार्ज महिला सिपाही सरिता देवी ने महिलाओं को को भी जानकारी दी की इन योजनाओं से मिल रही शक्ति।

- मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत पिछले वर्ष 95 गरीब बेटियों के हाथ पीले कराए गए।

- कन्या सुमंगला योजना के अंतर्गत 2195 लाभार्थियों को लाभांवित किया गया।

- निर्माण कामगार पुत्री विवाह योजना के अंतर्गत पिछले वर्ष 244 लाभार्थियों को 134.20 लाख रुपये खर्च किए गए।

- राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत जनपद में 1146 समूहों की 7238 महिलाओं को लाभ दिया जा रहा है। कर्मचारियों मे प्रदीप बाबू दिनेश हसीब मैत्री वर्मा सरब जीत व सभासदों मे ताहिर अंसारी सुफियान सलाहुद्दीन बनवारी इससाद आदि।

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