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नेपियर घास की बोआई का जिलाधिकारी ने किया शुभारम्भ

   बहराइच । जनपद में संचालित गोआश्रय स्थलों में संरक्षित गोवंशो के हरे चारे की व्यवस्था के दृष्टिगत जनपद में 100 हेक्टेयर क्षेत्रफल में नेपियर घास की बोआई अभियान के तहत जिलाधिकारी डॉ दिनेश चन्द्र ने विधिवत पूजा अर्चना के साथ तहसील पयागपुर के ग्राम फरदा त्रिकोलिया में नेपियर घास की बोआई अभियान का शुभारम्भ किया।  

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह घास गोआश्रय स्थल में संरक्षित गोवंशो के लिए बहुत उपयोगी होगी। गोवंशो को हमेशा हरा चारा मिल सकेगा। उन्होंने यह भी बताया कि नेपियर घास को किसान भी अपनी भूमि पर उगा सकते है। नेपियर घास की नर्सरी शीघ्र ही जिले में नेपियर घास के नर्सरी की भी व्यवस्था की जायेगी। उन्होंने सीवीओ की प्रंशासा करते हुए कहा कि अल्प अवधि में नेपियर घास की जनपद में व्यवस्था कराया जिसके लिए वह बधाई के पात्र है। सीवीओ डा. बलवन्त सिंह ने नेपियर घास की विशेषता के सम्बन्ध में बताया कि नेपियर घास की रोपाई का सही समय बरसात का है। यह घास 20 से 25 दिन में तैयार हो जाती है। एक बार घास की कटाई करने के बाद उसकी शाखाएं पुनः फैलने लगती है। यह घास पांच सालों तक हरे चारे की व्यवस्था करती रहती है। पहली बार लगाने पर 45 दिन का समय लेती है इसके पश्चात् 25 दिन के अन्तराल पर इसकी कटाई की जा सकती है। इसमें 7 से 12 प्रतिशत तक प्रोटीन, 14 प्रतिशत रेशा तथा कैल्शियम व फासफोरस की प्रचुर मात्रा रहती है।  

इसके उपरान्त जिलाधिकारी ने ग्राम में स्थापित अस्थाई गोआश्रय स्थल के सुदृढ़ीकरण कार्य का फीता काटकर एवं आधार शिला रखकर शुभारम्भ किया तथा गोआश्रय स्थल में पौधरापेण भी किया। इसके पश्चात् गोआश्रय स्थल में संरक्षित गोवंशो को गुड़ भी खिलाया। इस अवसर पर उन्होंने तहसील पयागपुर के ग्राम राजापुर कला के मृतक शिव नारायण सिंह पुत्र रामतेज सिंह के वारिसान श्रीमती लक्ष्मी सिंह पत्नी शिव नारायण सिंह एवं सुनील कुमार सिंह, रवि प्रताप सिंह व मंयकर सिंह पुत्रगण शिव नारायण सिंह को खतौनी का वितरण भी किया। कार्यक्रम के अन्त में क्षेत्रीय प्रगतिशील कृषक बब्बन सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

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