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उत्पीड़न को लेकर प्रशासन के विरुद्ध पत्रकारों ने खोला मोर्चा

  पत्रकारों का उत्पीड़न अब नही होगा बर्दाश्त : आपवा

अनुराग गुप्ता

बहराइच। देश और प्रदेश की सरकारों और कोर्ट द्वारा लगातार पत्रकारों के उत्पीड़न मामले को लेकर कठोरतम कार्यवाही करने की बात कही जा रही, लेकिन व्यवहारिक रूप में पत्रकार उत्पीड़न में न तो कोई गिरावट आ रही है और न ही पुलिस प्रशासन इसमें कोई न्याय संगत कार्यवाही करती नजर आ रही है। बल्कि देखा तो ये जा रहा है कि सामान्य जनता से कहीं ज्यादा पुलिस और प्रशासन के लोगों द्वारा मीडिया से जुड़े लोगों का उत्पीड़न और उन्हें झूठे मुकदमो में फंसाने से लेकर मारपीट करने के मामले सामने आ रहे हैं,ऐसा ही एक मामला बहराइच जिले में भी सामने आया है जिसके अन्तर्गत जिले के एक पत्रकार और एक खबरिया चैनल  के जिला प्रतिनिधि पर स्थानीय पुलिस ने एक झूठा मुकदमा दर्ज कर पत्रकारों को सड़कों पर उतरने पर मजबूर कर दिया है।इसी संदर्भ में आज जिले के समस्त पत्रकार संगठनों में संयुक्त रूप से स्थानीय घण्टाघर से एक चेतावनी मार्च निकाला जो शहर की प्रमुख मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट पहुँच कर जिलाधिकारी को ज्ञापन दे कर सम्पन्न किया गया। जिलाधिकारी को दिये गये ज्ञापन के जरिये मांग की गई है कि पत्रकार पर दर्ज किये गये झूठे मुकदमे को तत्काल वापस लिया जाये और इस कार्यवाही करने वाले दोषी कोतवाल को निलंबित किया जाये। इसके लिये पत्रकारों द्वारा जिलाधिकारी को 24 घण्टे का समय दिया गया है और यदि इस समय सीमा तक उनकी मांगे न मानी गयी तो जिले के समस्त संगठनों के पत्रकार अनिश्चित कालीन धरना करने पर मजबूर होंगे। इस प्रदर्शन में श्रम जीवी पत्रकार यूनियन ,आदर्श पत्रकार वेलफेयर एशोसिएशन रजि,ग्रामीण पत्रकार एशोसिएशन,आल इंडिया पोर्टल पत्रकार संगठन सहित आइप्जा व अन्य संगठनों से सम्बंधित सैकड़ों पत्रकार शामिल रहे।

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