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लखनऊ के बेसहारों को जल्द ही सहारा- संयुक्ता भाटिया

   लखनऊ। स्मार्ट सिटी की दौड़ में लखनऊ को टॉप वन में लाने को ततपर महानगर की प्रथम महिला महापौर संयुक्ता भाटिया ने लखनऊ के बेसहारा मानसिक रोगियों के इलाज, काउंसलिंग, घर वापसी के लिए आज गोरखपुर के स्माइल रोटी बैंक फाउंडेशन के फाउंडर  स्वामी विवेकानन्द युवा पुरस्कार अवार्डी आजाद पांडे की बात को गहराई से सुना और उन्होंने कहा कि आजाद पाण्डेय को माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा सर्वश्रेष्ठ युवा पुरस्कार, राज्य विवेकानंद युवा पुरस्कार से नवाजा गया है इसलिए इनकी जिम्मेदारी बनती है कि प्रदेश को इस क्षेत्र में एक नई दिशा देने का काम आजाद पांडेय और उनकी टीम के साथ हो। जिसकी एक शुरुआत उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से बहुत ही रचनात्मक होनी चाहिए ताकि प्रदेश के अन्य जगहों पर भी एक अच्छा संदेश जाने का काम हो सके। आज आजाद पांडेय के साथ उनकी टीम के राष्ट्रीय युवा पुरस्कार विजेता अजीत कुशवाहा, लक्ष्मण पुरस्कार एवं राज्य विवेकानंद युवा पुरस्कार विजेता रविकांत मिश्रा एवं साथी दीपक मिश्रा प्रतिनिधि मंडल के रूप में लखनऊ में लगभग 472 बेसहारा मानसिक रोगियों  लोगों को चिन्हांकित  करने वाली प्रक्रिया से उनको अवगत कराया। ताकि नगर निगम के सहयोग से जो मानसिक रूप से मन्दित लोग हैं उनके दर्द को समझ कर उनको सहारा देने की कवायद  की जा सके। 

 इसी क्रम में महापौर संयुक्ता भाटिया ने पूरी तरीके से आश्वस्त किया कि 1 सप्ताह के भीतर लखनऊ में बेसहारा लोगों को सहारा देने हेतु स्माईल होम के संचालन हेतु आपको नगर निगम का शेल्टर होम व संसाधन सहयोग दिया जाएगा ताकि इन बेसहारों का सहारा बन हम इस देवकार्य को शुरू कर सकें, और सरकार इनके लिए दृढ़ संकल्पित है।

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