Subscribe Us

सीतापुर : प्रधानमंत्री आवास योजना की सच्चाई पैसे फेंको आवास पाओ

  रिपोर्ट राकेश पाण्डेय

   सीतापुर। केन्द्र व प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी की सरकार में अधिकारियों व कर्मचारियों  पर भृष्टाचार का भूत कुछ इस कदर सवार है कि  शासन प्रशासन के  आदेशों निर्देशों की भी धज्जियां उड़ाने  से बाज नहीं आ रहे हैं। प्रधानमंत्री  ग्रामीण आवास  योजना के अन्तर्गत  झोपड़ी और छप्पर के नीचे गुजारा करने वाले  लोगों को आवास मुहैया  कराने के लिए सरकार प्रयासरत है। उसके विपरीत में जिस तरीके से  ब्लाक के  ग्राम पंचायत अधिकारी लोगों का आर्थिक शोषण कर रहे हैं आवास के नाम पर उनसे मनमानी रुपयों की वसूली की जाती है तब कहीं जाकर लोगों को आवास मिल पाता है  ब्लाक के अधिकारियों से सेटिंग ना होने के कारण लोगों के चप्पल के तलवे तक घिस जाते हैं लेकिन उन्हें आवास नहीं मिल पाता है और तो और पात्रों को अपात्र तक करार दिया जाता है । जनसुनवाई पोर्टल अब सिर्फ अधिकारियों के लिए मजाक बनकर रह गया है प्रदेश की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों की समस्याओं को त्वरित निस्तारण करने हेतु आईजीआरएस सम्बन्धित शिकायत निवारण प्रणाली का निर्माण किया लेकिन भ्रष्ट अधिकारी तथा कर्मचारी खुलेआम प्रधानमंत्री के नेक इरादों को पलीता लगाने में कोई कोर कसर छोड़ने को तैयार नहीं हैं। 

     आए दिन जनसुनवाई पोर्टल पर अधिकारियों/ कर्मचारियों के द्वारा लगाई जा रही फर्जी रिपोर्ट सुर्खियों में बनी रहने के बावजूद भी इन भ्रष्ट, निकम्मे और रिश्वतखोर  अधिकारियों के खिलाफ उचित दंडात्मक कार्यवाही ना होने के कारण यह अपनी मनमानी से बाज नहीं आ रहे हैं वहीं शिकायत कर्ताओं की समस्याओं का उचित समाधान ना होने के कारण लोगों का जनसुनवाई पोर्टल से विश्वास उठता जा रहा है वहीं प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भी छवि खराब हो रही है ताजा मामला जिले के विकासखंड सकरन की ग्राम पंचायत महराज नगर गांव का है जहां की सुशीला मिश्रा पत्नी स्वर्गीय शिव कुमार ने दिनांक 25-05- 2021 को जनसुनवाई पोर्टल पर जिसकी शिकायत संख्या 60000210082454 प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत आवास की मांग की थी कई दिन बीत जाने के बाद ग्राम पंचायत अधिकारी  जांच करने पहुंचे ग्राम पंचायत अधिकारी ने प्रार्थिनी के देवर के बने घर में एक कमरा को बताकर आवास हेतु अपात्र करार दिया मजे की बात तो यह है!

कि बिना प्रार्थिनी व उसके घर वालों से पूछताछ किए बगैर भांग का नशा पीकर रिपोर्ट कुछ इस तरह से लगाते हैं कि प्रार्थिनी के पास दो कमरों का  पक्का मकान है और बाउंड्री वॉल भी पक्की है जबकि केवल एक  कमरा प्रार्थिनी के  देवर का हैं  वो भी तीन दीवालो पर जो दीवाले भी गारा मिट्टी की हैं।महोदय को दिन में इतना भी नहीं दिखाई दिया कि दो कमरे हैं या फिर एक कमरा है वो भी क्षति ग्रस्त पोर्टल पर लगी आख्या देखने के बाद प्रार्थिनी के होश गुम हो गए कि उसके साथ सरासर गलत हुआ है और उसने ग्राम पंचायत अधिकारी की इस घटिया हरकत को बेपर्दा करने के लिए संवाददाता को सारी असलियत बताई घर के अन्य सदस्यों सहित  प्रार्थिनी सुशीला मिश्रा ने संवाददाता को बताया कि लगभग 30 वर्ष से पूरा परिवार छप्पर के नीचे आ गया गरीबी हालत होने की वजह से  सुशीला मिश्रा के द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास की मांग की गई थी जो कि आवास योजना लिस्ट में नाम दर्ज है। 

       इस संवादाता को सुशीला मिश्रा ने बताया कि वह खुद देवर के द्वारा खरीद कर अपने कागज  दाखिल करते हुए जिलाधिकारी को देंगे कि जिस तरह से ग्राम पंचायत अधिकारी ब्रेम कुमार ने प्रार्थिनी का घर बताते हुए प्रार्थिनी को अपात्र बता रहे हैं वह सरासर गलत है इसकी जांच अन्य किसी सक्षम अधिकारी से कराई जाए जिस तरह से जनसुनवाई पोर्टल पर मनमानी ढंग से झूठी रिपोर्ट लगाकर  पोर्टल की विश्वसनीयता संदेह के घेरे में लाने का जो दुस्साहस ग्राम पंचायत अधिकारी द्वारा किया गया है, उसकी शिकायत मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ से भी करेंगे।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ