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सफाई कर्मियों की मनमानी से ग्रामीण परेशान, जगह-जगह लगे गंदगी के ढेर

   रिपोर्ट : मोहम्मद इमरान

  अनूपगंज/बाराबंकी। पूरा मामला कस्बा अनूपगंज सहादतगंज का है जहां सफाई के नाम पर कर्मचारियों द्वारा सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है। बारिश के इस मौसम में जगह-जगह नालियां सड़क के ऊपर बह रही हैं लेकिन सफाई कर्मी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। सफाई कर्मी गांव आते हैं और टहल घूम के वापस चले जाते हैं। जब ग्रामीणों ने सफाई कर्मियों से कहा कि नाली साफ कर दो पानी निकल जाए तो इस पर सफाई कर्मी सुशील और रज्जब अली ने कहा कि हम तुम्हारे बाप के नौकर हैं क्या जो नाली साफ करें। तनख्वाह सरकार देती है तुम लोग नही। जब हमारे अधिकारी हमसे कुछ नहीं कहते तो तुम लोगों के कहने से क्या होगा, जिस से शिकायत करना है कर देना। जब हमारे अधिकारी कहेंगे तब नाली साफ करेंगे। ऐसी भाषा का प्रयोग करना ग्रामीणों को काफी बुरा लगा ग्रामीणों ने इसकी लिखित शिकायत खंड विकास अधिकारी रामनगर व मुख्यमंत्री पोर्टल जनसुनवाई पर भी की है।

भारत सरकार की स्वच्छ भारत मिशन की उड़ाई जा रही है धज्जियां

ग्राम पंचायत अनूपगंज में नवनिर्वाचित प्रधान भी सफ़ाई व्यवस्था की तरफ नही दे रहे हैं। बरसात में सफाई ना होने के कारण अनेकों प्रकार की बीमारियां फैलने का खतरा रहता है जिससे ग्रामीणों में काफी भय बना हुआ है। वर्तमान में चल रही करोना जैसी वैश्विक महामारी से जनता जूझ रही है ऐसे में अगर नालियों की और सड़कों पर फैली गंदगी की सफाई ना हुई तो परिणाम और भी घातक हो सकते हैं फिर भी सफाई कर्मचारी सरकार के मिशन को को ताक पर रखकर मलाई काटने में व्यस्त हैं। कोरोना जैसे महामारी में कस्बे में गंदगी का जमावड़ा लगा पड़ा है अगर ऐसा ही रहा तो वह दिन दूर नहीं जब गांव में अनेको प्रकार की बीमारियां जन्म लेना शुरू करेगीं और लोगों का जीना दुश्वार हो जाएगा। अब देखना है कि प्रशासन इस ओर कितना ध्यान देता है गांव की सफाई होती है यह सफाई कर्मी की ऐसे ही मनमानी चलती रहेगी।

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